कश्मीर में आतंकवाद पर सुरक्षाबलों का कड़ा प्रहार हुआ है। पिछले दस सालों में पहली बार कश्मीर में सक्रिय आतंकियों की संख्या कम हुई है। वहीं आतंकी संगठनों में कश्मीरी युवाओं के शामिल होने के मामले में भी कमी आई है। इतना ही नहीं, कश्मीर में स्थानीय आतंकियों की इस कदर कमी है कि सालों से छुपकर कश्मीर में बैठे पाकिस्तानी आतंकी बिल से बाहर आने के लिए मजबूर हुए हैं।
इस समय कश्मीर में 168 आतंकी सक्रिय
सूत्रों के अनुसार इस समय कश्मीर में 168 सक्रिय आतंकी हैं, जबकि पिछले पांच साल में यह संख्या 250 से 300 से कम नहीं रही। उत्तर कश्मीर में 65 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें 12 स्थानीय और 53 विदेश आतंकी हैं। मध्य कश्मीर में 9 स्थानीय और 7 विदेशी समेत 16 और दक्षिण कश्मीर में 87 आतंकी हैं। इनमें 64 स्थानीय और 23 विदेशी आतंकी हैं।
दक्षिण कश्मीर में साल के पहले दो महीने में 2 से 3
वहीं आतंक का गढ़ माने जाने वाले दक्षिण कश्मीर में साल के पहले दो महीने में 2 से 3 स्थानीय युवाओं के ही आतंकी संगठनों में जाने की सूचना है। पहले के आंकड़े देखें, तो पहले दो महीने में ही एक दर्जन से अधिक युवा आतंकी संगठन में शामिल होते थे।
370 हटने के बाद से आतंकवाद से जुड़ी वारदातों में कमी
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में 370 हटने के बाद से ही पत्थरबाजी और आतंकवाद से जुड़ी वारदातों में कमी हुई है। चाहे स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठन में जाने की बात की जाए या फिर कश्मीर में सक्रिय आतंकियों की।
सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त प्लान के तहत कार्रवाई
दोनों में ही गिरावट आई है। सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त प्लान के तहत कार्रवाई की जा रही है। इससे ऐसा हुआ है। बाकी आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल और अन्य नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एनआईए, एसआईए जैसी एजेंसियों की कार्रवाई का असर भी हुआ है।