जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में बिंबरगली सुरनकोट रोड पर 18 दिन बाद यातायात बहाल किया गया है। भाटादूड़ियां मुठभेड़ की वजह से सड़क पर यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
उधर, पुंछ के जंगलों में आतंकियों की तलाश 21वें दिन भी जारी है। सुरक्षाबलों ने पूरे भाटादूड़ियां जंगल में ऑपरेशन तेज कर दिया है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान एक हफ्ते तक और जारी रह सकता है। आतंकियों की तलाश में हर एक रणनीति अपनाई जा रही है। आतंकियों के खात्मे के लिए 3 हजार से अधिक सैन्य जवान और पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप लगा हुआ है।
11 और 14 अक्तूबर को घात लगाकर आतंकी दो हमले कर चुके हैं जिसमें दो जेसीओ समेत 9 जवान शहीद हो चुके हैं। कई बार आतंकियों से मुठभेड़ हो चुकी है। जबकि आतंकियों की तलाश में मौके पर ले जाए गए एक पाकिस्तानी आतंकी की मौत हो चुकी है। घने जंगल और दुरूह भौगोलिक परिस्थितियों में आतंकियों से मुठभेड़ अंजाम तक नहीं पहुंच पाई है।
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पुंछ पुलिस के पास उक्त जंगलों में आतंकियों के होने की सूचना दो महीने से थी। आतंकियों से सामना होने पर दो अलग-अलग हमलों में दो जेसीओ समेत नौ जवान शहीद हो गए। मामले की जांच में पुलिस ने 3 ओजी वर्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ हो रही है।
ऐसी भी आशंका है कि आतंकी जंगल से बाहर निकल चुके हैं। वह किसी दूसरे ठिकाने पर छिपे हो सकते हैं। सेना के प्रवक्ता कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि आतंकियों की तलाश में हर तरह आपरेशन चलाया जा रहा है। तलाश चल रही है। अभी एक हफ्ता और लग सकता है।