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जम्मू-कश्मीर: गलवां घाटी संघर्ष की पहली बरसी, अखनूर में मिला ड्रोन समेत प्रदेश की पांच बड़ी खबरें

Tue, 15 Jun 2021 05:19 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

बीते साल गलवां घाटी झड़प में शहीद हुए देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई। सीओएस फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने लेह में युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण किया। उधर, जम्मू संभाग के अखनूर में एक ड्रोन बरामद हुआ है। जिसको कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पढ़ें प्रदेश की ऐसी ही पांच बड़ी खबरें...
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जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गलवां घाटी में झड़प के एक साल पूरे हो गए हैं। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने श्रद्धांजलि दी। 20 भारतीय सैनिकों ने अपनी जमीन की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति दे दी थी और चीन की सेना को भारी नुकसान पहुंचाया था। मेजर जनरल आकाश कौशिक, सीओएस फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने इस अवसर पर लेह में युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण किया। कहा कि देश इन वीर सैनिकों का सदा आभारी रहेगा, जिन्होंने सबसे कठिन ऊंचाई वाले इलाके में लड़ाई लड़ी और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

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जम्मू संभाग में अखनूर के गरोटा इलाके में एक ड्रोन मिला है। कुछ स्थानीय लोगों ने झाड़ियों में एक ड्रोन देखा। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने के बाद एसएचओ टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ड्रोन को कब्जे में ले लिया। एसएचओ घरोटा ख्याति मान खजुरिया ने बताया कि जांच के दौरान वह ड्रोन सीआरपीएफ कैंप बनतालाब का निकला। किसी भी तरह का कोई भी खतरा नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

जम्मू संभाग में आरएस पुरा के गांव गेगियां के मोहम्मद इरफान का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था। इसके लिए दिन-रात एक कर दिया। जब सेना में जाने का वक्त आया तो कोरोना महामारी ने सपनों पर ब्रेक लगा दी। जैसे ही इरफान 18 साल का हुआ तो सोचा कि अब वह सेना की भर्ती में हिस्सा लेगा। इसके लिए तैयारी शुरू की, लेकिन पिछले साल लॉकडाउन लग गया और सेना की ओर से तमाम भर्तियों को रद्द कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
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भाजपा के राजनीतिक मामलों, फीडबैक के प्रभारी एवं कश्मीरी पंडित नेता अश्विनी कुमार चुरंगू ने कहा है कि कुछ दलों व नेताओं की गलत धारणा से जम्मू-कश्मीर पर उनकी राजनीतिक सोच सही नहीं हो सकती है। राजनीति में सही सोच की प्रासंगिकता विषय पर बेविनार में चुंरगू ने कहा कि प्रदेश में कुछ राजनीतिक दल लोगों के बीच गलत धारणा पैदा करने का काम करते रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर वेटलैंड प्रबंधन योजना की समीक्षा के लिए सरकार ने तकनीकी कमेटी के अलावा शिकायत कमेटी के गठन को मंजूरी दी है। सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव मनोज कुमार द्विवेदी की तरफ से सोमवार को जारी आदेश के तहत तकनीकी कमेटी पर्यावरण, पारिस्थितिकी और रिमोर्ट सेंसिंग विभाग के निदेशक को अध्यक्ष बनाया गया है। वन विभाग के चीफ कंजर्वेटर को सदस्य और वन और पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव तकनीकी को सदस्य सचिव बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

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