सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने गुरुवार को कहा कि संघर्ष विराम जारी है। जिसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है। वहीं बुधवार को हुई कश्मीरी पंडित राकेश पंडिता की हत्या से प्रदेश में शोक और आतंकियों के खिलाफ रोष है। लोगों का कहना है कि आखिर कब तक कश्मीरी पंडितों को इसी तरह अपनी जांन गंवानी पड़ेगी। पढ़ें प्रदेश की ऐसी ही पांच बड़ी खबरें...
सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे दो दिवसीय कश्मीर दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्होंने संघर्ष विराम को लेकर रुख स्पष्ट किया। उधर, कश्मीरी पंडित राकेश पंडिता की हत्या से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं पुलिसकर्मी पर फायरिंग करने वाले पूर्व आतंकी को मार गिराया गया है। उसे कई बार आत्मसमर्पण का मौका दिया गया था। पढ़ें प्रदेश की पांच बड़ी खबरें...
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भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते के सौ दिन होने पर सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने कहा कि अगर स्थिति अनुमति देती है तो जम्मू-कश्मीर में सैनिकों की कमी संभव है। फिलहाल संघर्ष विराम जारी है। जिसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है।
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नब्बे के दशक की बर्बरता हो या 2 जून 2021 को हुई राकेश पंडिता की हत्या, सभी घटनाएं बार-बार एक ही सवाल करती हैं...आखिर हमारा कसूर क्या था? आखिर किस जुर्म की सजा मिली। यही बर्बरता और दर्द राकेश पंडिता के परिवार को कचोट रहा है। पंडिता की हत्या ने नब्बे और नादिमर्ग के पुराने घावों को फिर कुरेद दिया है। मृतक के परिजनों का बुरा हाल है। रोते-बिलखते लोग एक ही सवाल कर रहे हैं कि आखिर आतंकियों ने राकेश पंडिता को क्यों मारा, उन्होंने किसी का क्या बिगाड़ा था।
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कश्मीरी पंडित और भाजपा नेता राकेश पंडिता का शव जम्मू स्थित उनके घर लाया गया। अर्थी उठते ही लोग फफक-फफककर रोने लगे। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे लोगों ने कहा कि इस कायराना हमले को अंजाम देने वालों का जल्द से जल्द खात्मा किया जाए। कब तक कश्मीरी पंडित इसी तरह अपनी जान गंवाते रहेंगे। बता दें कि कायराना हमला करते हुए आतंकियों ने बुधवार को उनकी हत्या कर दी थी। इस आतंकी हमले में एक महिला भी जख्मी हुई है, जिसे अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबल पूरे इलाके को घेरकर अभियान चला रहे हैं।
पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर उस पर फायरिंग करने वाला पूर्व आतंकी मोहम्मद अमीन मारा गया है। वह पाक प्रशिक्षित आतंकवादी था। जिसने पहले आत्मसमर्पण किया था। गिरफ्तार होने के बाद वह पुलिस रिमांड पर था। जिसे बुधवार को पूछताछ के लिए लाया गया था। जहां उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर फायरिंग की थी।
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पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जन हित से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक उपेक्षा कोरोना महामारी से ज्यादा खतरनाक है। पार्टी की जम्मू प्रांतीय इकाई के नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक में महबूबा ने कहा जम्मू-कश्मीर में कोरोना महामारी से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने व संक्रमित मरीजों के मामले लगातार आने से साफ है कि सरकार व प्रशासन की महामारी से निपटने के लिए तैयारी अधूरी थी।
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