फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

J&K: पाकिस्तान से चिनाब घाटी के युवाओं को कट्टरवाद की ओर धकेलने की साजिश, सेना ने उठाए ये कदम

Fri, 14 Apr 2023 11:04 AM IST
kumar गुलशन कुमार अजय मीनिया, जम्मू

सार

पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन चिनाब घाटी के डोडा, किश्तवाड़ और रामबन में दोबारा आतंकवाद को जिंदा करने की साजिश रच रहे हैं। इसी के तहत युवाओं को कट्टरवाद का पाठ पढ़ाया गया।
विज्ञापन
सुरक्षाबल।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के आतंकी संगठनों की ओर से चिनाब घाटी में युवाओं को कट्टरवाद का पाठ पढ़ाने की साजिश रची जा रही है। खुफिया एजेंसियों की निगरानी में यह जानकारी सामने आई है। इसके बाद सेना की ओर से इन युवाओं से संपर्क किया गया है, ताकि इनको आतंकवाद की राह पर चलने से रोका जाए।

विज्ञापन


तीन जिलों में खुफिया विंगों ने अपना सर्विलांस सिस्टम सक्रिय किया हुआ है। इसी के चलते इसका पता चला है। दरअसल, पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन चिनाब घाटी के डोडा, किश्तवाड़ और रामबन में दोबारा आतंकवाद को जिंदा करने की साजिश रच रहे हैं। इसी के तहत युवाओं को कट्टरवाद का पाठ पढ़ाया गया।

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों से डोडा, रामबन और किश्तवाड़ में 80 युवाओं से संपर्क किया गया है। यह संपर्क सोशल मीडिया साइट और वहां के लैंडलाइन नंबरों से किया गया। इन युवाओं को कट्टरवाद का पाठ पढ़ाकर आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए कहा गया। 
विज्ञापन


इनके साथ संपर्क होते ही विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने युवाओं की सूची बनाकर इनका पता लगाया। इसके बाद सेना की ओर से इनसे संपर्क किया गया। इनमें से 66 युवाओं की काउंसलिंग करके मुख्यधारा में लाया गया। लेकिन 14 युवा राह भटक गए और आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गए। इन पर पीएसए लगाया गया है।

पाकिस्तान से संपर्क होने से शक

सूत्रों का कहना है कि एलओसी के नजदीक रहने वाले अधिकतर लोगों के रिश्तेदार पाकिस्तान में हैं। इनके पास पाकिस्तान से फोन काॅल आना कुछ हद तक समझ में आ रहा था। लेकिन डोडा, किश्तवाड़ और रामबन में 80 युवाओं को आई फोन काॅल से पता चला कि इनका पाकिस्तान में कोई रिश्तेदार नहीं है। इन युवाओं की जानकारी पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों ने वहां पर मौजूद चिनाब घाटी के आतंकियों से ली। इसके बाद इनसे संपर्क किया। फिर कट्टरवाद का पाठ पढ़ाया। इसकी जानकारी मिलते ही सेना ने इन युवाओं से संपर्क किया। इसके बाद इनकी काउंसलिंग की गई।

काउंसलिंग के बाद भी निगरानी

सूत्रों का कहना है कि सेना की ओर से इन 66 युवाओं की काउंसलिंग के बाद भी इन पर नजर रखी जा रही है, ताकि इनसे दोबारा संपर्क न हो। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि काउंसलिंग के बाद इनमें कितना बदलाव आया है और क्या यह सच में अब वहां बात नहीं करते।

मौलवियों, छात्रों, शिक्षकों तक से संपर्क

बता दें कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन स्कूल कालेज में पढ़ने वाले छात्रों, मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों, मौलवियों और सरकारी शिक्षकों से लेकर नौकरी पेशा वालों से संपर्क कर रहे हैं। पिछले दिनों आतंकियों के लिए काम करने वाले एक मौलवी को भी पकड़ा गया था, जबकि पुलिस की तरफ से किश्तवाड़ के 13 आतंकियों की जानकारी भी पाकिस्तान से मांगी गई है। जो वहां रहकर अब भी आतंकी नेटवर्क चला रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें