जम्मू-कश्मीर में लंबे इंतजार के बाद शिक्षण संस्थान ऑफलाइन शैक्षणिक गतिविधियों के लिए खुल चुके हैं। 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को सशर्त स्कूल बुलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों का स्कूल आने की तरफ ज्यादा रुझान दिख रहा है, लेकिन कस्बों और शहरों में अभी बहुत कम छात्र स्कूल आ रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 35 से 40 फीसदी बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं, लेकिन कस्बों और शहरों में यह आंकड़ा 10 फीसदी तक ही है। अभिभावकों की सहमति, टीकाकरण और कोविड निगेटिव रिपोर्ट के साथ 10वीं और 12वीं के बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है। मंगलवार को जम्मू शहर के ज्यादातर सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी कम थी।
अभिभावक अभी बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं हैं। हालांकि निजी स्कूलों में 40 फीसदी से अधिक बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं। मंगलवार को शहर के गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल मुबारक मंडी, जीएचएसएस बाहु फोर्ट, बख्शीनगर, रिहाड़ी, केनाल रोड सहित अन्य सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी कम थी।
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गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल गांधीनगर की प्रिंसिपल शफकत चिब ने कहा कि कोविड के डर की वजह से अभी अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। ऑनलाइन क्लासेज भी चल रही हैं, जिसके कारण भी बच्चे स्कूल आने से परहेज कर रहे हैं। वहीं गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल डंसाल की प्रिंसिपल कल्प लता ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा के प्रतिदिन 50 से अधिक बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं और नियमित कक्षाएं ले रहे हैं।