उधर, अलगाववादी नेता एवं तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ सेहरई का गुरुवार को कुपवाड़ा जिले में उनके पैतृक गांव में कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए अंतिम संस्कार किया गया। गत वर्ष 13 जुलाई से पीएसए के तहत बंद सेहरई को तबीयत बिगड़ने के बाद उधमपुर जेल से लाकर जीएमसी जम्मू में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने बुधवार को दम तोड़ा। वह हुर्रियत कांफ्रेंस नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के करीबी थे, जिन्हें गिलानी के बाद 2018 में तहरीक का अध्यक्ष बनाया गया था।