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जम्मू-कश्मीर: लर्नर लाइसेंस के लिए अब नहीं जाना होगा आरटीओ, ऑनलाइन सेवा शुरू

Sun, 26 Sep 2021 10:33 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

मोटर वाहन विभाग की कई सेवाएं ऑनलाइन हुईं, आरटीओ में लोगों को मिलेगी पेपरलेस, कैशलेस सुविधाएं। उपराज्यपाल बोले, प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार रहित सुरक्षित व प्रभावी परिवहन प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध।
 
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों के आरटीओ में अब लोगों को पेपरलेस तथा कैशलेस सुविधाएं मिलेंगी। इसमें लर्नर लाइसेंस के लिए संपर्क रहित आवेदन, डीलर स्तर पर त्वरित पंजीकरण प्रक्रिया शामिल हैं। अब नए वाहनों का आरटीओ में निरीक्षण भी नहीं होगा। मोटर वाहन विभाग से जुड़े कार्यों को पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस बनाने के उद्देश्य से उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को विभाग की कई ऑफलाइन सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया।

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श्रीनगर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में सेवाओं को शुरू किया गया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिले, इसके लिए परिवहन विभाग ने कई निर्णय लिए हैं, जिससे प्रदेश के परिवहन क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले साल ऑनलाइन की गई 12 सेवाओं से लोगों को काफी राहत मिली है। अब बिना किसी परेशानी के आम लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस के बदले डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन जैसी सेवाएं मिल रही हैं।

सरकार परिवहन विभाग में सुरक्षित व प्रभावी परिवहन प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं व सुविधाओं को ऑनलाइन करने का मकसद यह है कि लोगों को पारदर्शी तथा भ्रष्टाचार रहित सुविधाएं मिल सकें। पिछले एक साल में सड़क सुरक्षा निधि के तहत कई कदम उठाए गए हैं। 620 सड़क सुरक्षा जागरूकता कैंप लगाने के साथ ही ट्रैफिक पुलिस को अत्याधुनिक उपकरण, मोटरसाइकिल तथा इंटरसेप्टर वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।
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यह भी पढ़ें- केंद्रीय राज्यमंत्री चंद्र शेखर ने कहा: जम्मू-कश्मीर में अगले तीन वर्ष में 60 हजार करोड़ रुपये का होगा निवेश

नई बसों की खेप को दिखाई हरी झंडी
इस दौरान उप-राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन में शामिल नई बसों को भी हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि नई बसें शामिल होने से दूरदराज क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि जेकेआरटीसी के बेड़े में ट्रकों के शामिल होने से आम आदमी को खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं का समय पर परिवहन सुनिश्चित होगा। जेकेआरटीसी में 226 नई बसें और 277 नए ट्रक शामिल होंगे।
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उन्होंने ट्रांसपोर्टरों से सब्सिडी योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि 15 साल से पुराने बसों को बदलने के लिए पांच लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना के लिए 1.75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उप-राज्यपाल, मुख्य सचिव सहित परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों ने बसों में सफर कर सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, आरआर भटनागर, प्रमुख सचिव हृदेश कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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