हथियारों के साथ पकड़े गए डीएसपी दविंदर सिंह के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तीन वाहन सीज किए हैं। यूएपीए की धारा 25 (1) के तहत जब्त वाहनों में दो आई-20 और एक मारुति कार शामिल है, जिनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया गया।
एनआईए प्रवक्ता के अनुसार जांच में साफ हो गया है कि तीनों वाहनों का इस्तेमाल कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया। एनआईए ने 11 जनवरी 2020 को पूर्व डिएसपी दविंदर सिंह को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के स्वयंभू कमांडर नवीद बाबू, रफी अहमद राथर और एडवोकेट इरफान शफी मीर को एक कार से पकड़ा था।
काजीगुंड में वाहन को रोक कर तलाशी ली गई थी, जिसमें एक एके-47 राइफल, तीन पिस्टल, गोलियां और विस्फोटक बरामद किए गए। जांच के दौरान पता चला कि एडवोकेट इरफान शफी मीर की आई-20 कार, मुश्ताक अहमद शाह के नाम से पंजीकृत मारुति कार और आई-20 स्पोर्ट्स कार का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
एनआईए ने 17 जनवरी को जांच शुरू की और 3064 पेज की चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में चालान पेश कर दिया। जांच एजेंसी ने चार्जशीट में पूर्व डीएसपी दविंदर सिंह, नवीद बाबू, उसके भाई सैयद इरफान अहमद, राथर, मीर और लाइन ऑफ कंट्रोल ट्रेडर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष तनवीर अहमद वानी को आरोपी बनाया। 20 मई 2021 को आरोपी डीएसपी दविंदर सिंह को बर्खास्त कर दिया गया था।