जम्मू। प्रदेश में 55868 आवास स्वीकृत किए गए हैं। लाभार्थियों को इसका लाभ दिया जाएगा। यह जानकारी मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी मिशन की राज्य स्तरीय मंजूरी और निगरानी समिति की 9वीं बैठक में कही। मुख्य सचिव ने पीएमएवाई-यू की प्रगति की समीक्षा की। लाभार्थी के नेतृत्व में व्यक्तिगत घर निर्माण या संवर्धन (बीएलसी), साझेदारी किफायती आवास (एएचपी), क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) और इन-सीटू स्लम पुनर्विकास पर विस्तृत चर्चा हुई।
संशोधित सर्वेक्षण के अनुसार आवास एवं शहरी विकास विभाग ने 55,868 आवास स्वीकृत किए हैं। आवास एवं शहरी विकास विभाग सभी स्वीकृत लाभार्थियों का सत्यापन कर रहा है। पात्र लोगों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
जम्मू और कश्मीर में क्रमश: 18,613 और 1,524 लाभार्थियों के दावों को खारिज करने का प्रस्ताव पास किया गया था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कश्मीर और जम्मू संभाग में क्रमश: 20,457 और 10,949 आवास इकाइयों के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसी प्रकार उधमपुर योजना क्षेत्र एवं भद्रवाह योजना (प्लानिंग) क्षेत्र में 32,001 हितधारकों के दावे स्वीकृत किए गए। 20,209 हितधारकों के दावे अस्वीकृत किए गए।
यह सूचित किया गया कि जम्मू और कश्मीर के सभी शहरों और कस्बों में योजना के तहत आवास की मांग को पूरा करने के लिए विभाग ने एक व्यापक आईईसी अभियान चलाया और सभी शहरी स्थानीय निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल किया। राज्य स्तरीय मंजूरी और निगरानी समिति ने पीएमएवाई-यू की बीएलसी श्रेणी के तहत 12,700 लाभार्थियों वाले 79 नए डीपीआर को मंजूरी दी। इसमें 662.54 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्य सचिव ने विभाग को परियोजना की समय-सीमा तय करने और काम पूरा करने को कहा।