जम्मू। प्रदेश के लोगों को अब किडनी प्रत्यारोपण के लिए जालंधर, लुधियाना, दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश के नागरिकों के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल श्रीनगर में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा को शुरू किया गया है। इसके लिए महा निदेशालय स्वास्थ्य सेवा, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की ओर से सुपर स्पेशियलिटी श्रीनगर के लिए पांच साल के लिए पंजीकरण का प्रमाणीकरण किया गया है। ट्रांसप्लांटेशन आफ ह्यूमन आर्गन एक्ट एंड टिशूस एक्ट, 1994 के तहत किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा को शुरू किया जा रहा है।
जम्मू संभाग के दस जिलों की बात करें तो यहां हर साल किडनी के करीब दो हजार नए मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इसमें 25-40 आयु वर्ग के किडनी क्रोनिक फेलियर मरीजों की तादाद बढ़ी है। ऐसे मरीजों को डायलिसिस के सहारे कुछ समय रखा जाता है। स्थायी उपचार के लिए किडनी प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ती है। किडनी रोगों के लिए मधुमेह, उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर), नियमित दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन मुख्य कारण रहता है। लेकिन संभाग में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा न होने से मरीजों को दूसरे राज्यों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा था। हालांकि अब उन्हें श्रीनगर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में यह सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मरीजों के लिए किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा बड़ी राहत देगी।
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जम्मू संभाग में घोषणाओं तक ही सीमित रही सुविधा
जम्मू। पूर्व गठबंधन सरकार के कार्यकाल में जुलाई 2018 में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू के नेफरोलाजी विभाग में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने की घोषणा की गई थी। इसके लिए जीएमसी फैकल्टी सदस्यों की कमेटी गठित की गई। इसमें ढांचे और अन्य जरूरी संसाधनों व उपकरणों की रिपोर्ट तैयार करके जीएमसी प्रशासन को सितंबर 2018 में सौंपी गई। फरवरी 2020 में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू में स्टेट आर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (सोटो) के कार्यालय को स्थापित किया गया। वित्त विभाग की ओर से रीनल ट्रांसप्लांट सेंटर के लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर किए गए, लेकिन आज तक किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा को शुरू नहीं किया जा सका है। जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने कहा कि अगले हफ्ते केंद्रीय टीम के सुपर स्पेशलिटी में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा को शुरू करने के लिए निरीक्षण करने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे जल्द शुरू करने पर जोर दिया जाएगा।