जम्मू। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद गुट से किसी चेहरे को कमान मिलना लगभग तय है। पूर्व मंत्री विकार रसूल के प्रधान बनने की चर्चा के बाद पार्टी में गुटबाजी भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में लंबे समय से गुलाम नबी आजाद और जीए मीर के गुट सक्रिय रहे हैं। फिलहाल प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर के इस्तीफे पर अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है।
पिछले सात साल से जीए मीर प्रधान पद पर रहे, लेकिन उन्हें लगातार आजाद गुट के समर्थकों का विरोध झेलना पड़ा। पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारने की इच्छुक है, जिससे प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए भी आजाद गुट से किसी को जिम्मेदारी देना लगभग तय है। आगामी दिनों में पार्टी अध्यक्ष द्वारा नए अध्यक्ष की घोषणा की जा सकती है। बताया जाता है कि हाई कमान के पास प्रदेशाध्यक्ष के लिए चार नाम दिए गए हैं। इनमें पीरजादा मोहम्मद सईद, विकार रसूल, गुलाम नबी मोंगा और जीएम सरूरी शामिल हैं। पार्टी के कुछ नेता रसूल के नाम से खुश नहीं है। जिससे विभिन्न माध्यमों से नेता अपनी नाराजगी जता रहे हैं, लेकिन खुले तौर पर विरोध नहीं किया जा रहा है। आगामी चुनावों को देखते हुए प्रदेश के विपक्ष में बड़े चेहरों की तरह हाई कमान कोई नेता मैदान में उतारने की सोच रही है, ताकि चुनाव में अधिक से अधिक सीटें हासिल की जा सकें। इस बार यह भी सोचा जा रहा है कि जम्मू संभाग से ही प्रदेशाध्यक्ष के लिए किसी चेहरे को सामने लाया जाए, ताकि भाजपा के गढ़ में सेंध लगाई जा सके।