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आतंकी वारदातों की जांच अब एक ही एफआईआर में होगी

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जम्मू। पाकिस्तानी की आतंकी साजिशों पर नकेल कसने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अहम कदम उठाया है। एनआईए की ओर से एक सम्मिलित एफआईआर दर्ज की गई है। इसी एफआईआर के तहत अब तमाम मामलों की जांच होगी। हर एक मामले में एफआईआर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। किसी भी पाकिस्तानी साजिश की जांच अपने स्तर पर शुरू कर दी जाएगी। पुलिस से केस टेकओवर करने या फिर ट्रांसफर करने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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जानकारी के अनुसार ड्रोन से हथियार, विस्फोटक गिराने, आईईडी ब्लास्ट, आतंकी हमला, आईईडी बरामदगी, आतंकियों और ओजी वर्करों की गिरफ्तारी, आतंकी गतिविधियों जैसी साजिशों पर जांच अब एक सम्मिलित एफआईआर में होगी।
अमूमन कहीं पर भी उक्त साजिश होने के बाद संबंधित थाने की पुलिस सबसे पहले एफआईआर दर्ज करती है। इसके बाद जब एनआईए को केस ट्रांसफर होता है तो उसमें एक हफ्ते तक का वक्त लग जाता है। या फिर 10 दिन का वक्त भी लग जाता है। एनआईए को नए सिरे से केस दर्ज करके नए सिरे से जांच करनी पड़ती है। इसमें काफी वक्त बर्बाद होता है। यहां तक कि मामले की आगे की जांच में भी देरी होती है, लेकिन अब पहले दिन से ही एनआईए की जांच होगी, जिसमें नई एफआईआर लगाने की जरूरत नहीं होगी। पहले से ही दर्ज सम्मिलित एफआईआर में मामले की जांच होगी। हालांकि किसी आतंकी वारदात में यदि पहले से संबंधित पुलिस ने मामला दर्ज कर रखा है तो उस मामले में एनआईए केस ट्रांसफर होने के बाद ही जांच करेगी, लेकिन ऐसा बहुत कम होगा, क्योंकि कहीं आतंकी वारदात होने के तुरंत बाद एनआईए मामले की जांच शुरू करेगी और इसमें पुलिस को केस दर्ज नहीं करना पड़ेगा।
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इस साल अब तक पांच एफआईआर लग गई
जानकारी के अनुसार एनआईए के पास दर्ज होने वाले मामलों की जांच काफी मुश्किल होती है। इसमें काफी वक्त लगता है। एक मामले को हल करने में ही कई महीने और साल लग जाते हैं। ऐसे में नए मामले दर्ज होने को लेकर अलग-अलग एफआईआर में जांच होने से मामले प्रभावित होते हैं।
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