जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत प्राइमरी स्कूल खोलने के पीछे घालमेल की जांच के आदेश जारी हो गए हैं। कश्मीर घाटी में राजनीतिक नेताओं के चहेतों को शिक्षक और सहयोगी पदों पर नियुक्त करने के लिए हजारों स्कूल नियमों को ठेंगा दिखाकर खोलने की शिकायतें मिली थीं। स्कूल शिक्षा विभाग के कश्मीर संभाग निदेशक ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
इन स्कूलों को खोलने के कुछ वर्ष बाद नामांकन नहीं होने प इन्हें आसपास के मिडिल स्कूलों में मर्ज कर दिया गया था। प्रदेश भर में बड़ी संख्या में स्कूलों को खोला गया, जिनमें महज बच्चों की संख्या पांच-पांच रही। कश्मीर घाटी में ऐसे स्कूलों की संख्या हजारों में होने की बात सामने आई। इसमें बताया गया कि राजनीतिक दलों ने अपने चहेतों को समायोजित करने के लिए नियमों के विपरीत स्कूल खोल दिए।
इस मामले में स्कूल शिक्षा निदेशक श्रीनगर ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने जिले में एसएसए के तहत खुले स्कूलों की जांच कर एक विस्तृत रिपोर्ट दस दिनों में सौंपने को कहा है। एसएसए के तहत खुले इन स्कूलों में से सरकार ने 2015 में 2500 स्कूलों को कम नामांकन के चलते दूसरे स्कूलों में मर्ज किया था।
कोट
जिला शिक्षा अधिकारियों को एसएसए के तहत खुले स्कूलों की जांच करने के लिए कहा गया है। उन्हें अपने जिले में एसएसए के तहत खुले स्कूलों की संख्या व नामांकन की रिपोर्ट विभाग को सौंपनी होगी।
तसद्दुक हुसैन मीर, स्कूल शिक्षा निदेशक, कश्मीर