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विकास और प्रकृति की सुरक्षा सरकार की मुख्य प्राथमिकता : उपराज्यपाल

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जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि विकास और प्रकृति की सुरक्षा सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। जैव विविधता और वन्यजीव की प्रभावी तरीके से सुरक्षा और प्रकृति पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन को स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए ही रोजगार और आजीविका के अवसर भी खुलेंगे। रविवार को श्रीनगर राजभवन में जम्मू कश्मीर वन्यजीव बोर्ड की तीसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल ने यह बात कही।
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सिन्हा ने वन सुरक्षा अधिनियम पर पहनाए जा रहे अमलीजामा की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह वन अधिकार मुहैया करवाने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से व्यक्तिगत स्तर पर पूरा करें।
सिन्हा ने इस अवसर पर किश्तवाड़ में राष्ट्रीय पार्क के वर्तमान दर्जे की समीक्षा करते हुए मुख्य वन्यजीव वार्डन को निर्देश दिए कि वह जंबू जू के वर्तमान दर्जे का जमीनी स्तर पर जायजा लें। इस अवसर पर बोर्ड के सदस्यों ने वन्यजीव संरक्षण और विलुप्त हो रही वन्यजीव प्रजातियों के सुरक्षा और ट्रैकिंग मार्गों और स्टाफ की युक्तिकरण, सेवाओं का डिजिटलीकरण, अग्नि रोकथाम प्रयासों आदि विषयों पर सुझाव दिए।
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इस अवसर पर उपराज्यपाल ने वन्यजीव अधिकारी अमित शर्मा की तरफ से तैयार की गई सचित्र गाइड को भी जारी किया। बैठक में मानव और वन्यजीव टकराव और प्रभावी कदम और बेहतर समन्वय से जीवन की सुरक्षा के अलावा विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू, वन विभाग के आयुक्त सचिव संजीव वर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह, जनजातीय विभाग के सचिव शाहिद इकबाल चौधरी व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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