जम्मू। परिसीमन आयोग की अंतिम रिपोर्ट जारी होने के साथ जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक सरकार के लिए मैदान भी तैयार हो गया है। हालांकि परिसीमन रिपोर्ट के तहत अब नए सिरे से मतदाता सूचियां तैयार होंगी। ऐसे में छह से आठ महीने में प्रदेश में चुनाव संभव हैं।
19 जून 2018 को भाजपा की तरफ से समर्थन वापस लिए जाने के बाद पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार गिर गई थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में करीब चार साल से जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक सरकार के बजाय राज्यपाल और उपराज्यपाल का शासन चला आ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के छह से आठ महीनों में विधानसभा चुनाव करवाने की घोषणा की है।
ऐसे में पूरी उम्मीद है कि प्रदेश में अक्तूबर और नवंबर 2022 या फिर फरवरी और मार्च 2023 में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना का कहना है कि परिसीमन आयोग की अंतिम रिपोर्ट जारी होने का भाजपा स्वागत करती है और विधानसभा चुनाव के लिए हर वक्त तैयार है। इस बार भाजपा प्रदेश में 50 से ज्यादा सीटों का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी और अपनी सरकार बनाएगी।
कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला का कहना है कि विधानसभा चुनाव से ही जन आकांक्षाओं की पूर्ति संभव है। ऐसे में प्रदेश में जब भी विधानसभा चुनाव होंगे। कांग्रेस बढ़चढ़ कर हिस्सा लेगी।