जम्मू। युवाओं की प्रतिभा की खोज के लिए जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) छह से 12 मई तक टैलेंट हंट करवाने जा रहा है। इसके लिए जेकेसीए ने गृह जिलों में टैलेंट हंट करवाने की बजाय 100 से 200 किमी दूर टैलेंट हंट का स्थान तय किया है। कठुआ के युवाओं को 150 किमी दूर कटड़ा और रामबन के युवाओं को 110 किमी दूर भद्रवाह में ट्रायल देने जाना पड़ेगा। इससे युवाओं पर न सिर्फ आर्थिक बोझ पड़ेगा बल्कि उनके लिए भीषण गर्मी में ट्रायल देना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
टैलेंट हंट के लिए जेकेसीए ने जम्मू और कश्मीर संभाग के जिलों को चार-चार जोन में बांटा है। जम्मू संभाग के चार जोन हैं। पहले जोन में राजोरी-पुंछ, दूसरे में उधमपुर-कठुआ-रियासी, तीसरे में डोडा, रामबन, किश्तवाड़ और चौथे में जम्मू और सांबा को रखा है। जेकेसीए ने दस जिलों में टैलेंट हंट के लिए स्थान तय करने की बजाय सिर्फ चार जिलों में स्थान तय किए हैं। उधमपुर-कठुआ और रियासी के युवाओं को कटड़ा ट्रायल देने आना होगा। उधमपुर और रियासी के युवाओं के लिए कटड़ा फिर भी नजदीक है, लेकिन कठुआ के युवाओं को 150 किमी सफर करना पड़ेगा, जबकि कठुआ के युवाओं को जम्मू ज्यादा नजदीक पड़ता था। इस तरह डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिले के युवाओं का ट्रायल भद्रवाह में रखा गया है। रामबन से भद्रवाह 110 किमी दूर है और किश्तवाड़ से 80 किमी दूर है। ऐसे में युवाओं के लिए टैलेंट हंट में शामिल होना बड़ी चुनौती होगा। युवाओं ने कहा कि जेकेसीए को संबंधित जिलों में ही टैलेंट हंट करवाना चाहिए था। वहीं जेकेसीए उप- समिति के सदस्यों का कहना कि जिसने ट्रायल में आना होगा व दूरी की चिंता नहीं करता है। हमने पूरी तैयारी के इस व्यवस्था को रखा है।
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कोट
जिलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। हमें बहुत सी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। जिसने ट्रायल देना होता वह कहीं पर भी पहुंच जाता है।
-ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता, जेकेसीए उप समिति के सदस्य
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कोट
टैलेंट हंट करवाना जिला क्रिकेट एसोसिएशन का काम है। जेकेसीए की उप समिति ने इसमें जिला क्रिकेट एसोसिएशनों को विश्वास में नहीं लिया। अगर जिला क्रिकेट एसोसिएशनों की भागीदारी होती तो दूरदराज क्षेत्र के युवाओं को अधिक मौका मिलता।
-विनोद शर्मा, अध्यक्ष जम्मू क्रिकेट एसोसिएशन