जम्मू। कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत अब बच्चों की बारी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों के साथ मिलकर तैयारी कर रहा है। सरकार के निर्देशानुसार तिथि की घोषणा के बाद टीकाकरण की गाड़ी को आगे बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने 5 से 12 आयु वर्ग में 1220580 और 6 से 12 आयु वर्ग में 1017150 बच्चों को टीकाकरण के लिए चिह्नित किया है। इस उम्र के बच्चों की भी चिकित्सा केंद्रों के साथ संबंधित स्कूलों में टीकाकरण करने की योजना है। स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग के साथ टीकाकरण की तैयारी में जुटा हुआ है। अब तक विभिन्न आयु वर्ग के टीकाकरण में देश के अन्य राज्यों की तुलना में जम्मू कश्मीर का बेहतर प्रदर्शन रहा है।
सरकार की ओर से 5 से 12 आयु वर्ग के बच्चों को कोर्बेवैक्स और 6 से 12 आयु वर्ग के बच्चों को कोवाक्सीन टीके की खुराक देना तय हुआ है। प्रदेश में 12 से 14 आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण की बात करें तो कुल लक्षित 599700 आबादी में से 469066 किशोरों के साथ 78 प्रतिशत को पहली टीके की खुराक दी जा चुकी है, जबकि दूसरी खुराक में 24 प्रतिशत के साथ 141690 किशोरों को टीका लगाया गया है। इसी तरह 15 से 17 आयु वर्ग में लक्षित आबादी 833000 में पहली खुराक में 105 प्रतिशत के साथ 871762 किशोरों को टीके की खुराक दी गई है, जबकि दूसरी खुराक में 86 प्रतिशत के साथ 720193 किशोरों को टीका लगाया गया है। 18 से अधिक आयु वर्ग में लक्षित 9303842 आबादी में पहली खुराक में 107 और दूसरी खुराक में 109 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण किया गया है। अब तक जम्मू कश्मीर में विभिन्न आयु वर्ग में 22681376 लोगों को कोरोना टीके की खुराक दी गई है।
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स्कूलों के साथ चलेगा अभियान : डीजी
परिवार कल्याण व टीकाकरण विभाग के निदेशक व स्वास्थ्य निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे डीजी डॉ. सलीम उर रहमान ने कहा कि 5 और 6 से 12 आयु वर्ग के बच्चों के लिए टीकाकरण का मसौदा तैयार कर लिया गया है। हालांकि अभी टीकाकरण शुरू करने के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं दिए गए हैं। टीकाकरण के लिए केंद्र से जरूरत के मुताबिक टीके की खुराक मांगी जाएगी। टीकाकरण अभियान को पहले की तरह स्कूलों के साथ चलाने की योजना है।
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बच्चे शारीरिक रूप से मजबूत होंगे-सीएमओ
सीएमओ जम्मू डा. जेपी सिंह ने कहा कि किशोरों के बाद बच्चों को कोविड टीके की खुराक देने से वे शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होंगे। वे कोविड जैसी संक्रमित बीमारी से लड़ने के लिए सक्षम होंगे। इससे समाज और मजबूत होगा। जिससे अन्य गतिविधियों को गति मिल सकेगी।