जम्मू। जम्मू कश्मीर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) और प्रधानमंत्री सेहत योजना में अब लोगों को पंजीकरण शुल्क नहीं देना होगा। इससे पहले पंजीकरण के लिए प्रत्येक लाभार्थी को तीस रुपये शुल्क देना पड़ रहा था। सेहत योजना के प्रति लोगों का और रुझान बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने पंजीकरण शुल्क माफ करने की घोषणा की है। एनएचएम पंजीकरण प्रादाता सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) को पंजीकरण शुल्क राशि का भुगतान करेगा।
एनएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. आरएस शर्मा ने मंगलवार को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य, सेहत योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दोनों महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने देश के अन्य राज्यों में जम्मू कश्मीर के मॉडल को दोहराने पर जोर दिया। इन योजनाओं में जम्मू कश्मीर ने राष्ट्रीय औसत से अधिक और केंद्र शासित प्रदेशों से बेहतर प्रदर्शन किया है। बताया गया कि जम्मू कश्मीर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) और एबी-पीएमजेएवाई सेहत योजना में 55.56 लाख लाभार्थियों को पंजीकृत किया जा चुका है। प्रदेश में 97 प्रतिशत आयुष्मान कार्डों को आधार से जोड़ा गया है। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है। योजना में 1592 मेडिकल पैकेज दिए जा रहे हैं। इस साल सभी पात्र लाभार्थियों को योजना के तहत कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। शर्मा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में सेहत योजना में बचे हुए सभी लाभार्थियों का जल्द पंजीकरण किया जाए। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक भारद्वाज ने बताया कि सामान्य सेवा केंद्रों पर पंजीकरण शुल्क माफ होने से लाभार्थियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उनका निशुल्क पंजीकरण हो जाएगा, जिससे वे पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा के पात्र होंगे।