जम्मू। कश्मीर घाटी में बंदूक और आतंकवादियों की मौजूदगी तक लक्षित हत्याएं (टारगेट किलिंग) सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चुनौती बनी रहेगी। यह बात मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग ने यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में कही।
डीजीपी ने कहा कि लक्षित हत्याओं हमेशा से चुनौती रही हैं। इसमें पाकिस्तान की संलिप्तता होती है। हर जगह आतंकी और उनके आका मौजूद हैं। इस तरह की घटनाएं (ग्रेनेड हमले और लक्षित हत्याएं) आतंकियों की गतिविधियों के कारण होती हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस लक्षित हत्याओं की घटनाओं को सुलझाने में काफी सतर्क है। दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है। बड़ी संख्या में आतंकवादियों को मार गिराया गया है।
घुसपैठ पर एक सवाल के जवाब में पुलिस प्रमुख ने कहा कि बॉर्डर ग्रिड ऐसी किसी भी गतिविधि को विफल करने के लिए सतर्क है। हम सीमा पास से ऐसी किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे।