जम्मू। कश्मीरी हिंदुओं पर बनी ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को पनुन कश्मीर संगठन ने हकीकत पर आधारित फिल्म करार देते हुए कहा कि सरकार अब नरसंहार और अत्याचार निवारण कानून बनाए। कश्मीरी पंडितों के साथ हुए हुए अन्याय की जांच होनी चाहिए। पनुन कश्मीर के उपाध्यक्ष शैलेंद्र आइमा ने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि ठोस कानून बनाने के साथ ही नरसंहार के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नरसंहार के पीड़ितों को दशकों से न्याय नहीं मिला है। पनुन कश्मीर ने तीन साल पहले एक ड्राफ्ट की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार को भेजी थी। नरसंहार और अत्याचार निवारण कानून बना कर कश्मीरी पंडितों को अब न्याय दिया जाना चाहिए। पनुन कश्मीर के महासचिव कुलदीप रैना ने कहा कि कानून बना कर पंडितों के साथ हुए अन्याय की जांच करवा कर आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि कश्मीर को साजिश के तहत हिंदू मुक्त किया गया है।
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द कश्मीर फाइल्स को टैक्स फ्री करे सरकार
जम्मू। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से जम्मू-कश्मीर में द कश्मीर फाइल्स फिल्म को तत्काल टैक्स फ्री करने की मांग उठाई है ताकि विद्यार्थी भी इसे देखकर सच्चाई को जान सकें। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसमीत सिंह मदान ने फिल्म निर्माताओं की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रवाद को मजबूत करने वाली और फिल्में बनाई जानी चाहिएं।