जम्मू। भाजपा नेता और प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह के बंगले को तोड़ने के आदेश पर कोर्ट की रोक 17 फरवरी तक बढ़ गई है। विशेष ट्रिब्यूनल ने इस मामले को प्रकाश में लाने वाले एडवोकेट मुजफ्फर अली शाह की याचिका पर अगली सुनवाई की अगली तारीख तय कर दी। शाह ने ट्रिब्यूनल में इंप्लीडमेंट याचिका दायर की थी, जिसके तहत इस मामले से जुड़े सभी पक्षों की आपत्तियां दर्ज की गईं।
सोमवार को ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य राजेश सेखरी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगली सुनवाई 17 फरवरी तय कर दी। ममता सिंह पत्नी डॉ. निर्मल सिंह मामले में व्हीसल ब्लोअर एडवोकेट मुजफ्फर अली शाह ने आरटीआई की जानकारी के आधार पर खुलासा किया था कि पूर्व उप मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ममता सिंह ने नगरोटा के बन क्षेत्र में अनधिकृत रूप से बंगला बनाया है। इसका संज्ञान लेकर जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने बिल्डिंग कंट्रोल ऑपरेशंस एक्ट, 1988 की धारा 7(3) का हवाला देकर 8 नवंबर 2021 को बंगला तोड़ने का आदेश जारी कर दिया था। बंगले को खुद ही तोड़ने के लिए पांच दिन की मोहलत दी गई थी, जिसके बाद ममता सिंह की ओर से विशेष ट्रिब्यूनल में अपील दायर की गई। ट्रिब्यूनल ने याचिका पर सुनवाई कर जेडीए के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।