जम्मू। स्कूली शिक्षा से वंचित बच्चों को फिर से शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार स्टेट ओपन स्कूल (एसओएस) योजना का संचालन कर रहा है। योजना के तहत जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ चुके 14 वर्ष से अधिक आयु वाले बच्चों को दसवीं कक्षा की पढ़ाई करवा रहा है। 2018-19 में स्टेट ओपन स्कूल में 822 बच्चों का नामांकन हुआ था। जेके बोर्ड इस बार नामांकन को दो हजार से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए आवेदन शुरू किए हैं। विद्याथी 28 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
बोर्ड ने इसके लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 38 केंद्र बनाए हैं, जहां पर स्कूल छोड़ चुके बच्चों को 10वीं की पढ़ाई करवाई जा रही है। बोर्ड द्वारा स्थापित अध्ययन केंद्रों में पूरे सत्र में 30 कक्षाएं लगेंगी। 38 केंद्रों में से 17 जम्मू, 17 कश्मीर और चार लद्दाख में हैं। प्रदेश सरकार स्टेट ओपन स्कूल में अब दसवीं कक्षा के बाद 12वीं की पढ़ाई भी करवाएगी। बोर्ड अगले सत्र से 12वीं की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
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तीन हजार दाखिला फीस
पाठ्य सामग्री भी मिलेगी
एसओएस में नामांकन करने का शुल्क तीन हजार रुपये हैं। इसमें छात्रों को पाठ्य सामग्री मिलेगी। एसओएस के प्रति कारगिल जिले में सबसे ज्यादा बच्चों का नामांकन हुआ है। 2018-19 के सत्र में कुल 822 बच्चों का दाखिला हुआ था, जिसमें जम्मू संभाग और लेह जिले में 670 और कश्मीर व कारगिल जिले से 152 छात्र थे। एसओएस में छात्रों को मिलने वाली पाठ्य सामग्री नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग मुहैया करवाती है। एसओएस से 10वीं पास छात्र सामान्य स्कूल में 11वीं की पढ़ाई कर सकते हैं। ये छात्र हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी विषय में पढ़ाई कर सकते हैं।
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स्टेट ओपन स्कूल में आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को दसवीं की पढ़ाई करवाई जाती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इसके लिए 38 केंद्र बनाए गए हैं। बच्चे इन स्कूलों में दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई को जारी रख सकते हैं।
- डॉ. यासीर अहमद सारीवाल, अतिरिक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा बोर्ड, जम्मू-कश्मीर