आर्थिक दृष्टि से देश मजबूत होगा : रवींद्र रैना
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना ने केंद्रीय बजट को आम जनमानस के हित में बताया है। उनका कहना है कि बजट से देश की आर्थिकता को मजबूती मिलेगी। विकास को गति देने में लाभकारी होगा। रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण कार्यों के लिए राशि का प्रावधान करने के साथ गरीबों, सरकारी कर्मियों और व्यापारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। बुनियादी ढांचे के विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रक्षा तंत्र मजबूत होगा। आगामी वर्षों में देश आर्थिक दृष्टि से मजबूत होगा।
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बजट में जम्मू कश्मीर की तस्वीर साफ-नेकां
नेकां की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय बजट 2022-23 में जम्मू कश्मीर की तस्वीर साफ है।
सरकार जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी और महंगाई को दूर करने में नाकाम रही है। यह बजट दैनिक वेतन भोगी, असंगठित श्रमित वर्ग के लिए जीविका और पुनर्वास पैकेज पर मौन है।
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पर्वत माला योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे : उपराज्यपाल
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पहाड़ी प्रदेश जम्मू कश्मीर में पर्वत माला योजना शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। यह पहाड़ी क्षेत्रों के लिए परिवहन और कनेक्टिविटी की आधुनिक प्रणाली का सबसे बड़ा उपहार है जो प्रदूषण मुक्त परिवहन, रोपवे, केबल कार आदि प्रदान करेगा। इस योजना से रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। जम्मू और कश्मीर में विकास की नई सुबह की शुरुआत होगी।
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केंद्रीय बजट भविष्य का बजट : जितेंद्र
पीएमओ में मंत्री व सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय बजट को भविष्य का बजट करार दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 39.45 लाख करोड़ रुपये का बजट राष्ट्रीय राजमार्ग, आवास, अर्थ व्यवस्था आदि क्षेत्रों का विस्तार करेगा। यह वास्तव में ऐतिहासिक क्षण है। बजट से वैज्ञानिक प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्टार्ट के लिए प्रोत्साहन मिलने के साथ आत्मनिर्भर भारत का बजट है।
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बजट से गरीब, जनता, बेरोजगार, वेतनभोगी निराश : कांग्रेस
जम्मू। प्रदेश कांग्रेस ने केंद्रीय बजट को गरीब, मध्यम वर्ग के साथ बेरोजगार युवाओं के लिए निराशाजनक करार दिया है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में अभूतपूर्व मूल्य वृदि और रिकार्ड बेरोजगारी से आम लोग अधिक पीड़ित हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि बजट में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में दूर करने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं। महिलाएं, वेतनभोगी, पेंशनभोगी भी निराश हैं। विकास दर के काल्पनिक लक्ष्यों से कमजोर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का काम किया गया है। भाजपा के शासन में अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है।