जम्मू। एनसीसी कैडेट्स राष्ट्र-निर्माण में अटूट प्रतिबद्धता के साथ अनुशासन और नेतृत्व के प्रतीक हैं। प्रदेश में नशीली दवाओं के खतरे से युवा पीढ़ी को बचाने में एनसीसी कैडेट्स की भूमिका बड़ी अहम है। एनसीसी का सुदूर इलाकों के साथ-साथ गांवों तक विस्तार किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग और युवा मामलों का विभाग काम कर रहे हैं। ये बात उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के एनसीसी कैडेट्स के साथ आयोजित बातचीत में कही।
इस दौरान उप-राज्यपाल ने कहा कि कोविड के प्रति जागरूकता अभियान हो या टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान सौंपी गई जिम्मेवारी, एनसीसी कैडेट्स ने हर मिशन को प्रभावी ढंग से पूरा किया है। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स अनशुसासन के प्रतीक हैं और हमारा प्रयास न केवल गांवों के युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है, बल्कि उनमें बंधुत्व, अनुशासन, राष्ट्रीय एकता और निस्वार्थ सेवा के मूल्यों को भी बढ़ावा देना है। उपराज्यपाल ने कहा कि एनसीसी के कैडेट्स में एकता और अनुशासन की भावना उन्हें पुलिस और सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं। प्रदेश प्रशासन ने एनसीसी प्रमाण पत्र रखने वाले उम्मीदवारों को भर्ती में अतिरिक्त लाभ देने का भी प्रावधान रखा है। इस दौरान एनसीसी कैडेट अनु चौधरी ने अपने अनुभवों को उप-राज्यपाल के साथ सांझा किया। अतिरिक्त महानिदेशक एनसीसी निदेशालय जेके एंड एल मेजर जनरल रंजन महाजन ने कहा कि एनसीसी कैडेट ‘शहीदों को शत शत नमन’ पहल के तहत 700 शहीदों के परिजनों के साथ मुलाकात करेंगे।