जम्मू। गरम इलाके में उगने वाला हिमाचल का हरिमन-99 सेब अब सांबा जिले में किसानों की आमदनी बढ़ाएगा। केंद्र विश्वविद्यालय जम्मू का ऊष्मायन और नवाचार केंद्र (इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर) एक परियोजना के तहत सांबा के किसानों की मदद कर रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और आय दोगुना करना है।
केंद्र के अध्यक्ष डॉ. पंकज मेहता ने सांबा के बरोड़ी गांव में किसानों के साथ मिलकर हरिमन-99 समर जोन सेब के 15 पौधे लगाए। इसके अलावा सेब की इसी प्रजाति के 15000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनोवेशन आर्गूमेंट नेटवर्क अहमदाबाद के साथ सेंटर ने एमओयू साइन किया है। पौधों को खरीदने के लिए को-ऑपरेटिव सोशल रिस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) से राशि ली जाएगी। इस फंड से पौधे खरीदकर किसानों को निशुल्क वितरित किए जाएंगे। सीएसआर के तहत औद्योगिक या अन्य क्षेत्रों में समाज के हित के लिए पांच फीसदी फंड दिया जाता है। किसानों के कल्याण के लिए भी पांच फीसदी फंड देने के लिए सेंटर के साथ एमओयू हुआ है।
ऊष्मायन और नवाचार के विशेषज्ञ डॉ. पंकज मेहता ने बताया कि अगले सप्ताह विवि के आसपास के गांवों के इलाकों के किसानों की वर्चुअल बैठक करवाई जाएगी। बैठक में बिलासपुर (हिमाचल) के प्रगतिशील किसान और सेब की हरिमन-99 प्रजाति तैयार करने वाले हरिमन शर्मा अन्य किसानों के साथ मुखातिब होंगे और उनकी समस्याओं के समाधान पर चर्चा करेंगे। मार्च माह में किसान हरिमन सांबा के बरोड़ी गांव आएंगे। किसानों के सामने मक्की का दूध, मक्की की मैगी आदि कई किस्मों की चीजें तैयार की जाएंगी। एक मशीन किसानों को दी जाएगी।
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मक्की का दूध और मैगी बनाना भी सीखेंगे किसान
डॉ. पंकज मेहता ने बताया कि मशीन में मक्की का दूध, मक्की की मैगी, काला नींबू, काला अदरक, काला लहसुन, आंवला, किंब और आम से विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन उत्पादों को किसान खुद बेचेंगे। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
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किसानों ने दी जमीन, बनेगी प्रयोगशाला
केंद्र के प्रभारी डॉ. पंकज मेहता ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय इनोवेशन सेंटर के माध्यम से प्रयोगशाला स्थापित करेगा। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।