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पर्यटन क्षेत्र का विस्तार और प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज घोषित हो

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जम्मू। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से एक फरवरी को पेश किए जा रहे वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट से जम्मू कश्मीर के कारोबारियों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को कई उम्मीदे हैं। उनका कहना है कि पिछले दो साल से कोविड महामारी और अन्य परिस्थितियों के कारण प्रदेश में कारोबार, उद्योग और इससे जुड़े अन्य क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। जिससे विशेष पैकेज के साथ अन्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
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फेडरेशन आफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन ने कहा कि बजट में औद्योगिक क्षेत्र में आयकर स्लैब में संशोधन किया जाना चाहिए। नई इकाइयों पर 15 फीसदी आयकर वसूला जा रहा है, जबकि पुरानी इकाइयों पर यह दर 25 फीसदी लगाई जा रही है। ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट के प्रधान दीपक गुप्ता ने कहा कि प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों पर उच्चतम आयकर स्लैब 25 फीसदी है, जबकि सामान्य पर यह स्लैब 30 फीसदी रखी गई है, जिसे 25 फीसदी किया जाए। जीएसटी का सरलीकरण करके इसे पेपर मुक्त और मासिक एक रिटर्न किया जाए, वर्तमान में मासिक तीन रिटर्न हैं। जम्मू में ड्राईपोर्ट लाए जाएं, ताकि व्यापारियों को ट्रांसपोर्ट में लाभ मिल सके और उन्हें यही माल मिल सकेगा। बाहर से माल मंगवाने में उन्हें ट्रांसपोर्ट पर अधिक खर्चा आता है। जम्मू में पर्यटकों को रोकने के लिए सुस्त प्रोजेक्टों को जल्द पूरा करने के साथ नए प्रोजेक्ट लाए जाएं। चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के प्रधान अरुण गुप्ता ने कहा कि जम्मू में रेलवे कोच के उत्पादन जैसे पीएसयू इकाइयां स्थापित की जाएं। इससे रोजगार बढ़ने के साथ स्थानीय छोटी औद्योगिक इकाइयों को लाभ मिल सकेगा। कोविड और दूसरी परिस्थितियों में प्रभावित हुए पर्यटन और इससे जुड़े क्षेत्रों के उत्थान के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाए। वरिष्ठ नागरिकों के आयकर रिटर्न पर स्पष्ट किया जाए। कई क्षेत्रों में ऐसे वर्ग के लिए आयकर रिटर्न का प्रावधान रखा गया है। 75 वर्ष से ऊपर के वर्ग के लिए आयकर रिटर्न को खत्म किया जाए।
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