जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में राजस्व संग्रह में सुधार से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश में दिसंबर 2021 तक एसजीएसटी संग्रह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 46 फीसदी अधिक रहा है। इसी तरह आईजीएसटी निपटान में पिछले वर्ष की तुलना में 35 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में स्टांप संग्रह 87 प्रतिशत अधिक है, जबकि एमएसटी संग्रह में 46.41 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उत्पाद शुल्क संग्रह पिछले वर्ष के लक्ष्य से 300 करोड़ रुपये अधिक होने की उम्मीद है। वित्त विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता को यह जानकारी दी।
डुल्लू ने बताया कि वर्ष 2021-22 के दौरान जिला कैपेक्स बजट के तहत 44245 परियोजनाओं/कार्यों में से 42102 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें से 28523 कार्य निष्पादन के अधीन हैं और वित्तीय वर्ष के अंत तक 25000 कार्य पूरे होने की उम्मीद है। मुख्य सचिव ने कोविड महामारी के दौरान चालू वित्त वर्ष में राजस्व संग्रह में सुधार की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर राजस्व प्रदर्शन और भविष्य के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण समान रूप से मजबूत पूंजीगत व्यय वृद्धि को कम करेगा। वर्ष 2018-2019 में 2000 कार्य पूरे किए जाते थे, जो आज की स्थिति में 11508 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने जिला कैपेक्स बजट के तहत चालू वित्त वर्ष के अंत तक 25 हजार कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, जो पिछले वर्षों के औसत से 12 गुणा वृद्धि का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने राजकोषीय सुधारों के लाभ को अधिकतम करने के लिए पूंजीगत व्यय के प्रदर्शन में और सुधार लाने पर जोर दिया। पंचायती राज संस्थाओं को सरकार का सर्वोच्च केंद्र बिंदु बताया गया है। बेहतर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए स्थानीय स्वशासन के प्रतिनिधियों के करीबी समर्थन से ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक खर्च को बढ़ाने की जरूरत है।
विभागों की रीयल टाइम आडिट सुनिश्चित करें
मुख्य सचिव ने ई आडिट के माध्यम से विभागों की रीयल टाइम आडिट सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। आबकारी विभाग की सभी 24 सेवाओं को आईएंडसी विभाग की बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान के तहत एकल खिड़ी में एकीकृत किया जाए।