जम्मू। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल सहित सीमावर्ती गांवों में संपर्क बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी। बुधवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक में उन्होंने अगले वर्ष तक सभी सीमा चौकियाें को सड़क से जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत परियोजनाओं को केवल संबंधित पंचायतों के परामर्श से ही बंद किया जाए।
अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक गांव में सड़क बनाने के लिए कैपेक्स, सीएसएस और पीएमजीएसवाई के तहत कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया। अगले वर्ष के दौरान पीएमजीएसवाई 3 के तहत 1750 किलोमीटर लंबी सड़क का लक्ष्य हासिल करने को कहा गया है। बैठक में मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग शैलेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग ने दिसंबर 2021 तक जारी किए गए धन का 52 फीसदी खर्च किया है, जो पिछले वर्ष के दौरान इसी अवधि में व्यय में 22 फीसदी की वृद्धि है। 4355 कार्यों में प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गईं थीं, जिसमें 4239 की निविदा और 3988 कार्यों को निष्पादन के लिए आवंटित किया गया है। चालू वर्ष में कुल 2650 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। 8000 सड़कों के लक्ष्य के मुकाबले 5629 सड़कों को ब्लैक टाप किया गया है, जबकि 2011 में सड़कों को पक्का किया गया है। इससे पूर्व मुख्य सचिव ने केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय स्थायी समिति (यूटीएलएससी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीएमजीएसवाई 1 और 2 के तहत 9 परियोजनाओं की मंजूरी रद्द करने के विभागीय प्रस्ताव से सहमत होते हुए ऐसी सभी परियोजनाओं पर विचार करने की संभावना तलाशने को कहा, जिन्हें पीएमजीएसवाई के तहत व्यावहारिक रूप से लिया जा सकता है।