जम्मू/श्रीनगर। सरकार ने सभी विभागों को अनियमित और फिजूल खर्ची पर रोक लगाने को कहा है। इसमें लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 की शेष अवधि के दौरान सरकारी विभागों में होने वाले खर्च को सुव्यवस्थित और नियंत्रित करने के लिए सर्कुलर जारी कर प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, डीडीओ और कोषागार अधिकारियों को दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। फंड वास्तविक मांग और आवश्यकता के अनुसार ही तय किए जाएंगे। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू की ओर से जारी आदेश में फंड को लैप्स होने से बचाने के लिए किसी अन्य प्रावधान को दर्शाने पर विचार नहीं किया जाएगा। इस स्तर पर नई योजना, परियोजना से जुड़े अतिरिक्त प्रस्तावों से बचा जाना चाहिए, क्योंकि बजट तैयार करने का अभ्यास पहले ही पूरा कर लिया जाता है। व्यय को इस तरह से विनियमित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। इसमें कोई अनियमित, निष्फल और फिजूलखर्ची शामिल नहीं होगी। सभी विभाग वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान व्यय की एक समान गति सुनिश्चित करेंगे।
वित्तीय वर्ष 2021-22 की अंतिम तिमाही के दौरान 30 फीसदी व्यय की समग्र सीमा को बनाए रखा जाएगा। चालू वित्त वर्ष 2021-22 के अंतिम माह के दौरान खर्च बजट आवंटन के 15 फीसदी तक सीमित होगा। कोषागार अधिकारी जीएफआर -2017 के सभी आवश्यक प्रावधानों और वित्त विभाग द्वारा समय समय पर जारी किए गए निर्देशों का पालन करते हुए अपने स्तर पर व्यय की कड़ाई से निगरानी और विनियमन करेंगे। इस संबंध में किसी भी चूक के परिणामस्वरूप संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रशासनिक सचिव निर्धारित मानक उपायों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित बनाएंगे।