जम्मू। कोविड, स्वाइन फ्लू, डेंगू जैसी बीमारियों की लैब टेस्टिंग के लिए अब जम्मू संभाग के मरीजों को दिल्ली की नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) लैब पर निर्भर नहीं रहना होगा। प्रदेश में जम्मू के चुआदी क्षेत्र में पहले एनसीडीसी केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को 25 कनाल भूमि सौंपी है। एनसीडीसी केंद्र बनने से आपदा जैसी स्थिति में शीघ्र लैब टेस्टिंग सुविधा से रोगी चिकित्सा देखभाल मजबूत होगी।
जम्मू कश्मीर में कोविड की दूसरी लहर के दौरान होल जिनोम सिक्यूसिंग टेस्ट के लिए सैंपल को दिल्ली स्थित एनसीडीसी लैब में भेजा जा रहा है। इसमें दैनिक आधार पर कुल आरटीपीसीआर कोविड सैंपलों में से 5 फीसदी जांच के लिए एनसीडीसी में भेजे जाते हैं। इस टेस्ट में नए वैरिएंट की पहचान होती है, जिससे संबंधित क्षेत्र में जल्द रोगी चिकित्सा देखभाल तंत्र को मजबूत बनाने में मदद मिलती है, लेकिन दिल्ली स्थित एनसीडीसी लैब पर देशभर के विभिन्न राज्यों का लोड होने से जम्मू में सैंपल की रिपोर्ट करीब एक माह बाद पहुंच रही है। जिससे उस समय तक मरीज ठीक हो गया होता है या उसे समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाता है। इससे पता चलता है कि कोविड जैसे संक्रमण का कौन सा वैरिएंट हवा में सक्रिय है और उसके बेहतर बचाव के उपाय किए जाते हैं। जम्मू में एनसीडीसी केंद्र का निर्माण होने से यहीं पर सभी टेस्ट हो सकेंगे और उनकी तत्काल रिपोर्ट मिलेगी। किसी भी संक्रमित बीमारी के बेहतर उपचार में मरीज के सैंपलों की रिपोर्ट की जल्द जानकारी अहम भूमिका निभाती है। प्रदेश स्तर की जम्मू में लैब स्थापित होने से संभाग के दस जिलों के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।
रोगी चिकित्सा देखभाल मजबूत होगी : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि जम्मू में एनसीडीसी लैब बनने से रोगी चिकित्सा देखभाल प्रबंधन मजबूत होगा। इसमें शीघ्र सैंपल रिपोर्ट आने पर बेहतर उपचार में मदद मिलेगी। इसके साथ संक्रमित बीमारियों की समय पर रोकथाम हो सकेगी।