25 जनवरी, 1990 में श्रीनगर में श्रीनगर बाहरी इलाके रावलपोरा में भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर सहित चार कर्मियों की गोलीबारी कर हत्या कर दी गई थी।
जम्मू की विशेष सीबीआई अदालत में गुरुवार को वायु सैनिकों की हत्या के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान गवाह ने यासीन मलिक को मुख्य शूटर के रूप में चिन्हित किया है। 25 जनवरी, 1990 में श्रीनगर में श्रीनगर बाहरी इलाके रावलपोरा में भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर सहित चार कर्मियों की गोलीबारी कर हत्या कर दी गई थी।
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भारतीय वायुसेना के पूर्व कर्मचारी और अभियोजन पक्ष के गवाह राजवर उमेश्वर सिंह ने गुरुवार को आतंकी एवं अलगाववादी नेता यासीन मलिक की पहचान की। जेकेएलएफ प्रमुख यासीन अभी आतंकी फंडिंग मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। उसे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सीबीआई की वरिष्ठ लोक अभियोजक मोनिका कोहली ने कहा, "यह मामले में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है। अभियोजन पक्ष के गवाह ने गोलीबारी के पीछे मलिक की पहचान कर ली है।
यासीन को एनआईए की विशेष अदालत ने आतंकी फंडिंग मामले में बीते साल 25 मई को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यासीन को दो मामलों में उम्रकैद और 10 मामलों में 10 साल सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अलावा उस पर 10 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था।