गणतंत्र दिवस और अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर सेना, बीएसएफ व पुलिस आईबी से जुड़े क्षेत्रों में घुसपैठियों और संदिग्धों पर पैनी नजर रख रही है। सुरक्षाबल एंटी टनल अभियान भी चला रहे हैं। बुधवार को सुरक्षाबल तलाशी अभियान चला रहे थे, तो इस दौरान राजपुरा तहसील के सीमावर्ती गांव जरांई में सेना के जवानों को सुरंग नुमा मुहाना दिखाई दिया। सुरक्षा एजेंसियों को सूचित कर सुरक्षाबलों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर ली।
बीएसएफ और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक पांच घंटे सुरक्षाबलों ने खोजी कुत्तों की सहायता से तलाशी अभियान चलाया और जेसीबी से खुदाई की तो जमीन में छह फुट लंबा गड्ढा मिला।
जरांई सीमा से तीन किलोमीटर दूर, इतनी लंबी सुरंग बनाना संभव नहीं
सुरक्षा एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि सुरंग मिलने की सूचना वाला क्षेत्र जरांई भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से तीन किलोमीटर की दूरी पर है। हालांकि इतनी लंबी सुरंग निकालना कठिन है लेकिन दुश्मन को कम नहीं आंका जा सकता इसलिए अभियान चलाकर जांच की गई। उन्होंने बताया कि सांबा सेक्टर की भारत-पाक सीमा पर जितनी भी सुरंगें मिली हैं, वह पांच से छह सौ मीटर से अधिक दूरी की नहीं मिली हैं।
सांबा क्षेत्र में पहले भी पांच जगह मिल चुकी हैं सुरंगें
सांबा सेक्टर की भारत-पाक सीमा के चलेयारी में 2008 में सुरंग मिली थी। यह सुरंग भारतीय सीमा के अंदर 500 मीटर तक पहुंच गई थी। सुरंग की गोलाई ढाई से तीन फुट तक थी और जमीन में यह 20 फुट गहरी थी। इसमें आक्सीजन की पाइप भी बिछा रखी थी। रीगाल, चक फकीरा, बैनगलाड़, चमलियाल आदि में भी पूर्व में सुरंगें मिल चुकी हैं।
सुरंग नुमा मुहाना मिला था। जांच के दौरान पाया गया कि यहां सुरंग जैसा कुछ भी नहीं है। मुहाने की पूरी तरह से जांच कर ली गई है। -बेनाम तोश, एसएसपी सांबा