केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसके एजेंडे में जम्मू-कश्मीर अहम है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के जरिए अपनी मंशा जाहिर करते हुए सरकार ने बताया है कि उसके शासन में रियासत का विकास अहम है।
सरकार ने कहा है कि उसने जम्मू-कश्मीर में विस्थापितों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास किया है। इसमें 60,000 से अधिक कश्मीरी पंडित परिवारों के पुनर्वास को सुगम बनाना शामिल है।
बाढ़ से मची तबाही से निपटने में रियासत सरकार के प्रयासों को सार्थक बताते हुए केंद्र ने कहा कि आपदा के प्रभाव को कम करने और पुनर्वास उपायों को बढ़ाने के लिए राज्य ने विशेष प्रयास किए हैं।
जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भाजपा गठबंधन की सरकार के गठन के प्रयासों में केंद्र के इस रुख को अहम माना जा रहा है। सरकार ने रियासत के विकास के लिए अपनी मंशा जाहिर करते हुए बताया है कि प्रदेश की समस्याओं को लेकर वह संवेदनशील है।
आपदा के दौरान प्रदेश की जनता के रक्षक बने सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सरकार ने उनका आभार जताया है।