केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजभवन में मीडिया से कहा कि सुरक्षा बल आतंक की हर योजना का करारा जवाब दे रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के एलजी ने अल्पसंख्यक सदस्यों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं क्योंकि उनके पास ऐसा करने की शक्तियां हैं। अगर हम आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले तीन वर्षों की तुलना में अल्पसंख्यकों की हत्याएं काफी कम हुई हैं।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर गृह मंत्री ने कहा कि मुद्दों को ठीक उसी दिन से देखने की जरूरत है जब आतंकवाद पैदा हुआ था। मैं आपको निश्चित रूप से बता सकता हूं कि स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद नागरिक हत्याएं कम हो गईं।
राजोरी में आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों से मिलने शुक्रवार को जम्मू पहुंचे शाह खराब मौसम के कारण ढांगरी नहीं पहुंच सके। उन्होंने फोन के माध्यम से सभी पीड़ित परिवारों के साथ बात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह जल्द पीड़ित परिवारों से मिलेंगे।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति पर चलते हुए सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद से निणाज़्यक लड़ाई लड़ रही हैं। इन सभी परिवारों का हौसला पूरे देश के लिए एक उदाहरण है।इतने बड़े हादसे के बाद भी डटकर लड़ने का मनोबल बनाए रखना बहुत बड़ी बात है। मोदी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती के साथ खड़ी है और उनकी मदद करने के लिए कटिबद्ध है। पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों को सरकार की अनेक योजनाओं के माध्यम से लाभ दिया जाएगा और एलजी के विशेष अधिकारों से भी उनकी मदद की जाएगी।