दक्षिण कश्मीर में कई निर्दलीय उम्मीदवार नाराजगी जाहिर करने और पार्टी उम्मीदवारों का खेल बिगाड़ने के लिए चुनाव मैदान में कूद गए हैं। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) छोड़ने वाले शब्बीर कुल्ले ने शोपियां से निर्दलीय ही ताल ठोक दी है।
2014 के चुनाव में कुल्ले को 12,000 वोट मिले थे। ये उस समय नेकां उम्मीदवार को मिले वोट से दोगुने से भी ज्यादा थे। शोपियां विस क्षेत्र से मौजूदा मुकाबले में पीडीपी के यावर बांडे और नेकां के शेख रफी हैं। पूर्व विधायक ऐजाज अहमद मीर ने भी टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी में पीडीपी छोड़ी है।
वह जैनापोरा सीट से उतर गए हैं। वह नेकां के शौकत गनी और पीडीपी के जीएच मोहिउद्दीन वानी को चुनौती देने को तैयार हैं। अनंतनाग में कांग्रेस उम्मीदवार पीरजादा मोहम्मद सईद, पीडीपी के डॉ. मेहबूब बेग, अपनी पार्टी के हिलाल शाह और निर्दलीय उम्मीदवार पीर मंसूर के बीच चतुष्कोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है। मंसूर निर्दलीय हैं। इससे पहले वह पीडीपी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस से जुड़े रहे हैं।
नेकां से नाराज होकर वोट काटने उतरे भट
नेकां में त्राल से क्षेत्र प्रभारी रहे डॉ. गुलाम नबी भट कांग्रेस को सीट देने से नाराज होकर निर्दलीय उतर गए हैं। भट के परिवार का नेकां के साथ पुराना संबंध है। वह पीडीपी के रफीक अहमद नाइक, कांग्रेस उम्मीदवार सुरिंदर सिंह चन्नी और एआईपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे डॉ. हरबख्श सिंह के वोटों का खेल बिगाड़ने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं।