मेंढर में भाटादूड़ियां के नाड़ खास जंगल में रविवार को सेना ने भीषण गोलाबारी की। आतंकियों के छिपे होने के संभावित ठिकाने को चिह्नित कर लगभग पांच घंटे फायरिंग और गोले बरसाए गए, लेकिन देर शाम तक आतंकियों का पता नहीं चल पाया। वहीं मुठभेड़ स्थल का अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने भी जायजा लिया। ऑपरेशन को लेकर जवानों से मिलने के बाद वे लौट गए। उधर, पुंछ-राजोरी हाईवे अभी तक नहीं खुल पाया है।
भाटादूड़ियां में 14 अक्तूबर की शाम को आतंकी हमले के बाद से सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है। इस दौरान आतंकियों के साथ रुक-रुक कर मुठभेड़ चल रही है। रविवार को सुबह से दोपहर बारह बजे तक बारिश होती रही। बारिश रुकने पर सेना ने आतंकियों के संभावित ठिकाने को चिह्नित किया और भीषण गोलाबारी की।
धमाकों से पूरा इलाका गूंजता रहा। शाम करीब साढ़े पांच बजे गोलाबारी रुक गई। उल्लेखनीय है कि 11 अक्तूबर को चमरेड़ के जंगल में आतंकियों ने पहला हमला किया था। 14 अक्तूबर को आतंकियों ने भाटादूड़ियां में घात लगाकर दूसरा हमला किया, जिसके बाद से मुठभेड़ चल रही है।