उमर अब्दुल्ला मान-मनौव्वल के बाद मान गए हैं। अब वो गांदरबल सीट से विधानसभा चुनाव में ताल ठोंकेगे। सांसद सैयद रुहुल्ला मेहदी और नेकां के संभागीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने इसकी घोषणा की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गांदरबल से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। यह घोषणा रविवार को सांसद सैयद रुहुल्ला मेहदी और पार्टी के संभागीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने उमर और सांसद मियां अल्ताफ अहमद की उपस्थिति में की।
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लंबे समय से उमर यह बात दोहरा रहे थे कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने लंबे विचार-विमर्श के बाद उमर के चुनाव न लड़ने संबंधी पूर्व बयान को खारिज कर दिया। उमर ने कहा था, जब तक जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा, वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।
2014 में गांदरबल जिले की जिस बीरवाह सीट से विधायक चुने गए थे, उसका अस्तित्व अब खत्म हो गया है। उसका हिस्सा आसपास की सीटों में जोड़ दिया गया है। अब गांदरबल में कंगन और गांदरबल दो विधानसभा हलके रह गए हैं, जिनमें से गांदरबल दो विधानसभा हलके रह गए हैं, जिनमें से गांदरबल सीट से नेकां ने उमर को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया है।
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दो बार विधायक रह चुके हैं उमर
उमर अब्दुल्ला 2009 से 2015 तक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे। वह दो बार सांसद भी रहे। इसके साथ ही गांदरबल (2008-2014) और बीरवाह (2014-2019) से विधायक रहे। वह 2002 का विधानसभा चुनाव गांदरबल से पीडीपी के काजी मोहम्मद अफजल से हार गए थे।
नेकां-कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ उम्मीदवार न उतारे पीडीपी, हमारा एजेंडा एक : उमर
नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि पीडीपी, जम्मू-कश्मीर की बेहतरी के लिए नेकां-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशियों के खिलाफ उम्मीदवार न उतारे, क्योंकि उनका और हमरा एजेंडा एक ही है। उमर की यह टिप्पणी महबूबा मुफ्ती के यह कहे जाने के एक दिन बाद आई है कि पीडीपी नेकां-कांग्रेस गठबंधन को पूरा समर्थन देगी और अगर गठबंधन उनकी पार्टी के एजेंडे को स्वीकार करता है तो चुनाव में सभी सीटें उसके लिए छोड़ दी जाएंगी।
उमर रविवार को गांदरबल के नुनेर गांव में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। नेकां नेता ने कहा, उनकी पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए एक व्यापक घोषणापत्र तैयार किया है, जिसकी पीडीपी समेत अन्य पार्टियों ने नकल की है। उनकी पार्टी ने सत्ता में आने पर 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। पीडीपी ने भी अपने घोषणापत्र में भी 200 यूनिट बिजली मुफ्त देेने की बात कही है। हमने बातचीत के दरवाजे खुले रखने की बात की और महबूबा मुफ्ती ने भी ऐसा ही कहा।
शाह ने घोषणापत्र पढ़ा... शुक्रिया
उमर ने कहा, वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं कि उन्होंने उनकी पार्टी के चुनाव घोषणापत्र पर ध्यान दिया। अब्दुल्ला ने कहा कि जो लोग इसे पढ़ने के लिए तैयार नहीं थे, वे अब इसे पढ़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। शाह ने दस सवाल पोस्ट किए।
सईम मुस्तफा नेकां में शामिल
उमर की सभा में राजनीतिक कार्यकर्ता सईम मुस्तफा नेकां में शामिल हो गए। सईम मुस्तफा ने श्रीनगर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।