जम्मू जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता, लर्निंग आउटकम का आकलन और उसमें सुधार की जिम्मेवारी जिले के प्रशासिनक अधिकारियों को सौंपी गई हैं। जिले में आईएएस और जेकेएएस अधिकारियों को सरकारी स्कूलों का प्रभारी नियुक्ति किया गया है। यह अधिकारी स्कूलों का नियमित निरीक्षण करेंगे और एक रोडमैप तैयार कर इसमें सुधार के लिए काम करेंगे।
जम्मू जिले के करीब 75 सरकारी स्कूलों में पायलट आधार पर इस व्यवस्था को शुरू किया गया है। इसके बाद जिले के सभी स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा। 75 स्कूलों में प्राइमरी से लेकर हायर सैकेंडरी स्कूलों को चुना गया है। जिनका जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभार सौंपा गया है।
यह अधिकारी स्कूलों का दौरा करेंगे बच्चों में सीखने के परिणाम (लर्निंग आउटकम) देखेंगे। इसमें देखा जाएगा कि अगर बच्चा पांचवीं कक्षा पढ़ता है तो क्या कक्षा पाठ्यक्रम के साथ सामान्य ज्ञान की जानकारी रखता है या नहीं। इसका विश्लेषण किया जाएगा।
फिर प्रभारी अधिकारी एक रोडमैप तैयार करेंगे, जिसमें इस बात पर विशेष ध्यान होगा कि कैसे बच्चों में सीखने की क्षमता में सुधार लाया जाए। उस रोडमैप के आधार पर बच्चों पर काम होगा। पायलट प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन के बाद इस पहल को जिले के सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा।
जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लर्निंग आउटकम का आकलन और उसमे सुधार के लिए प्रशासन काम करेगा। इसके लिए जिले के 75 स्कूलों के लिए प्रभारी नियुक्ति किए है। प्रभारी जिला प्रशासन के अधिकारी होंगे, जो स्कूल का दौर करेंगे और एक रोडमैप तैयार करेंगे।
-सचिन कुमार वैश्य, डीसी जम्मू।