जम्मू हाईकोर्ट ने 12 साल पहले चयनित की गई ड्रग्स इंस्पेक्टरों की सूची को रद्द कर दिया है। छह महीनों के भीतर नए सिरे से सूची तैयार होगी। इसके लिए चयन कमेटी भी बनाई जाएगी। हालांकि नई प्रक्रिया में कोई नया पद और संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी। चीफ जस्टिस पंकज मित्थल और जस्टिस विनोद चटर्जी कौल वाली खंडपीठ ने इस मामले से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। 2008 में किए गए।
विज्ञापन में ड्रग्स इंस्पेक्टरों की 72 पदों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की गई थी। 2009 में 64 उम्मीदवारों को चुने जाने की सूची जारी की गई। जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि पूर्व सूची को रद्द किया जाता है। नई सूची के लिए प्रक्रिया शुरू किया जाए। पुरानी प्रक्रिया में सही से काम नहीं हुआ। लिहाजा नई सूची के लिए इंटरव्यू किए जाएं। छह महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी कर लें।
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लचर जांच से तीन नशा तस्कर छूटे
लचर जांच की वजह से कुलगाम जिला कोर्ट को एक नशा तस्करों को 18 साल के ट्रायल के बाद छोड़ना पड़ा। जज ताहिर खुर्शीद रैना ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रतिवादी पक्ष आरोपी बशीर अहमद, राशिद डार और अब्दुल गनी के खिलाफ उक्त मामले के आरोप साबित करने में असफल साबित हुआ है। 18 साल के बाद भी आरोप साबित नहीं हुए। उक्त तीनों आरोपियों को 2003 में भुक्की के साथ पकड़ा गया था।