रियल एस्टेट में काम कर रहा था मोहन
सूत्रों का कहना है कि बकरा हत्याकांड के बाद मोहन चीर जेल चला गया। वर्ष 2018 में वह जेल से छूटा। इसके बाद उसने किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दिया। लेकिन इसके पहले ही मोहन चीर पर जम्मू के पक्का डंगा, सिटी पुलिस स्टेशन, उधमपुर, गंग्याल, बाहु फोर्ट और घरोटा में 8 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। यह मामले हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने आदि जैसे विभिन्न आपराधिक मामलों के हैं। वह बख्शी नगर पुलिस स्टेशन के रिकार्ड में हिस्ट्रीशीटर था। सूत्रों का यह भी कहना है कि वर्ष 2021 में जब मोहन चीर पर पीएसए लगाया गया, तो उस समय वह अपने संपर्क में रहने वाले लोगों से मिलकर एक नया नेटवर्क बनाने के लिए काम कर रहा था, ताकि पुराने साथियों के साथ जम्मू क्षेत्र में अपराध को अंजाम दे।
मोहन चीर: कब क्या हुआ
- 2006 में संजय गुप्ता उर्फ बकरा की हत्या की। 2018 में मिली जमानत
- 2021 में लगा पीएसए
- सितंबर 2023 में हटाया गया पीएसए
- अप्रैल 2022 में पीएसए हटाया गया