संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। गड्ढों में तब्दील ख्वास से कोटचढ़वाल सड़क सरकार के विकास दावों के हवा निकाल रही है। जर्जर हो चुकी सड़क पर चलना भी मुश्किल है। वाहन चलाते समय हादसे का खतरा रहता है। बारिश के दौरान हालात और बदतर हो जाते हैं। गड्ढों में पानी भरने से पता ही नहीं चलता कि कहां से वाहन निकालें। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द सड़क का निर्माण करवाया जाए।
कोटरंका सब डिवीजन के ख्वास तहसील हेडक्वार्टर से यह सड़क दूर दराज के कोटचढ़वाल गांव जाती है। गहरे गड्ढों की वजह से दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा परेेशानी हो रही है। स्थानीय सरपंच मोहम्मद रशीद ने बताया कि 15 किलोमीटर लंबी यह सड़क गदयोग, कोटचढ़वाल, उधान, नारला बंबल आदि गांवों को ख्वास के तहसील मुख्यालय और कोटरंका सब डिवीजन से जोड़ती है। करीब 3 साल से सड़क की हालत खस्ता है। लोगों को रोजाना दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पैदल चलना पड़ता है। मरीजोें को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं, पर सरकार सुध नहीं ले रही।
तारकोल में गुणवत्ता ठीक न होने से उखड़ गई थी सड़क : सरपंच
सरपंच मोहम्मद रशीद ने बताया कि कुछ समय पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीवाई) के तहत सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन तारकोल में गुणवत्ता ठीक नहीं होने से कुछ समय बाद ही बारिश से तारकोल उखड़ गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
लोग बोले-सत्ता में आने के बाद वादे भूल जाते नेता
ग्रामीण अल्ताफ अहमद, रंजीत कुमार, अल्फदीन, शब्बीर हुसैन का कहना है कि अधिकारी टूटी सड़क की ओर ध्यान नहीं दे रहे। चुनाव के समय तो नेता वोट लेने के लिए विकास करने के बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद भूल जाते हैं। इलाके में कितना विकास करवाया गया है, बदहाल सड़कें बता रही हैं।
ठेकेदार को नोटिस भेजा है : एक्सईएन
वहीं, एक्सईएन इम्तियाज मीर से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए ठेकेदार को नोटिस भेजा गया है। जल्द मरम्मत करवाई जाएगी।