कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि आयोग लोगों के सुझावों को प्राथमिकता नहीं दे रहा है। लोगों के बीच में इस रिपोर्ट को लेकर असंतोष है, जिसे दूर नहीं किया जा रहा है।
परिसीमन आयोग के जम्मू-कश्मीर के दौरे के खिलाफ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहीदी चौक स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोग की रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया। वहीं, लोगों की शिकायतों का प्रतिनिधित्व करने के लिए विपक्ष को उचित अवसर देने से वंचित रखने का आरोप लगाया है।
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प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर ने आयोग पर सत्तापक्ष भाजपा के इशारे पर परिसीमन की रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सांविधानिक मानदंडों को दरकिनार करते हुए परिसीमन की रिपोर्ट को तैयार किया गया है। आयोग ने जमीनी हकीकत की अनदेखी करते हुए विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का विभाजित कर दिया है।
दो साल बाद ड्राफ्ट रिपोर्ट के बारे में आपत्ति दर्ज करने के लिए कुछ ही समय दिया है। जेकेपीसीसी ने आयोग के समक्ष विस्तृत आपत्तियां दर्ज करवाई थीं, लेकिन राजनीतिक दलों विशेषरूप से कांग्रेस के बजाय केवल व्यक्तिगत तौर पर नेताओं को आमंत्रित किया गया। क्योंकि आयोग के पास तथ्यों और कानून के आधार पर कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए गए सवालों का कोई जवाब नहीं है।
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आयोग ने रिपोर्ट में अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों से छेड़छाड़ की है। इसमें जनसंख्या, भौतिक विशेषताओं, संपर्क और सार्वजनिक सुविधाओं की अनदेखी हुई है। प्रस्तावित निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या में भिन्नता है। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या 37 हजार है, जबकि कई क्षेत्रों में दो लाख तक है।
कांग्रेस को लोगों का प्रतिनिधित्व करने का उचित मौके नहीं दिया गया। धरने में कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला, मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा, महासचिव योगेश साहनी, मूला राम, ठाकुर बलवान सिंह, उदय भानू और रिकी आदि मौजूद रहे।