दिवाली और धनतेरस के करीब आने पर इस व्यवसाय में और तेजी आने की उम्मीद है। इस व्यवसाय में अधिकतर लोग बाहरी प्रदेशों से जुड़े हुए हैं, जो राह चलकर ऐसी सामग्री की बिक्री कर रहे हैं। इसके अलावा पक्का डंगा, मोती बाजार आदि में भी दुकानदारों द्वारा सजावटी सामग्री की बिक्री की जा रही है।
रोशनी के पर्व दीपावली पर मिट्टी के दीयों का अलग महत्व है, जिसे लोग भलीभांति समझते हैं। इसी के चलते दीपावली के पास आते ही आर्टिफिशियल सजावटी सामग्री के बीच मिट्टी के दीयों की प्रदेश सहित जम्मू शहर में काफी मांग है। बड़े पैमाने पर कुम्हार मिट्टी के दीयों का निर्माण करने में जुटे हैं।
शहर के बस स्टैंड, रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, पुरानी मंडी, राज तिलक रोड, परेड, पक्का डंगा आदि स्थानों पर मिट्टी के दीयों की बिक्री की जा रही है। इसमें सामान्य और रंगदार दिये उपलब्ध हैं। इन दीयों की शुरूआती कीमत 10 रुपये है। परेड में दीये की बिक्री कर रही महिला ज्योति देवी ने कहा कि इस त्योहारी सीजन में ही अधिकतर दीयों की बिक्री होती है।
इसमें स्थानीय दुकानदार भी उनके ऑर्डर पर दीए बनवाते हैं। सालों से दिवाली पर घरों में पूजा की थाली के साथ अन्य स्थानों पर दीये जलाने की परंपरा चली आ रही है। वहीं, बाजार में आर्टिफिशियल सजावटी सामग्री की भरमार है। इसमें आर्टिफिशियल फूल खूब भा रहे हैं। इसके अलावा सजावटी लड़ियों की भी खरीदारी बढ़ी है।