प्रदेश के सामान्य प्रशासनिक विभाग ने सरकारी कामकाज में ई आफिस की कवायद से विभागों में पारदर्शी और पेपरलेस कामकाज शुरू करवाने में सफलता हासिल की है। सरकारी दावों के अनुसार ई-आफिस को अपनाने से सरकारी कार्यालयों में पेपरलेस कार्य संस्कृति स्थापित हुई है। सरकारी विभागों को इससे जन सेवा वितरण में सुधार लाने के साथ फाइलों को एक टेबल से दूसरे टेबल पर भेजने में होने वाली समय बर्बादी से भी मुक्ति मिली है।
अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट को भी ऑनलाइन माध्यम से भरने की प्रक्रिया शुरू करवाई गई है। इससे अधिकारियों को भी सुविधा हुई है और वह कहीं भी बैठकर ऑनलाइन माध्यम से वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट को भर सकते हैं। इसके अलावा सामान्य प्रशासनिक विभाग ने इलेक्ट्रानिक विजिलेंस क्लीयरेंस सिस्टम को भी शुरू किया है।
इससे सेवा काल के दौरान सभी सरकारी कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिल रहा है। नागरिक मैत्री सुशासन की कवायद के तहत सामान्य प्रशासनिक विभाग ने सतर्क नागरिक एप भी शुरू किया है। इसके माध्यम से आम आदमी आनलाइन माध्यम से भ्रष्टाचार से संबंधित कोई भी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को भेज सकता है।
सरकारी कर्मचारियों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से पीआरएस पोर्टल पर संपत्ति रिटर्न को ऑनलाइन भरने की कवायद भी शुरू की गई है। पोर्टल के माध्यम से एंटी करप्शन ब्यूरो को भी सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति की जानकारी मिल रही है।
इसके अलावा सामान्य प्रशासनिक विभाग ने जन पहुंच की कवायद के तहत प्रशासनिक सचिवों को जिले आवंटित किए हैं ताकि विकास योजनाओं पर हो रहे कार्य की नियमित निगरानी रखी जा सके। सामान्य प्रशासनिक विभाग ने विभिन्न सरकारी विभागो में 25 हजार रिक्त पदो को भरने की प्रक्रिया शुरू की हुई हैं।
विभिन्न विभागों के लिए करीब 54 भर्ती नियमो को अंतिम रूप दिया गया हैं और 98 विभिन्न नियमो में संशोधन किया गया हैं। अधिकारियो के कौशल विकास के लिए 2500 अधिकारियो को प्रशिक्षण मुहैया करवाया गया हैं।