खंभे लगाने का काम पूरा, बिछाए जा रहे तार
आबिद के मुताबिक इरकॉन ने उत्तरी कश्मीर में लोहे के खंभे लगाने का काम पूरा कर लिया है, अब तार बिछाने का काम चल रहा है। दक्षिण कश्मीर में भी खंभे लगाने का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। उम्मीद है कि तय समय में काम खत्म हो जाएगा। समय बचाने के लिए सिंगल साइड पर काम करने की बजाय दोनों साइड पर एक साथ काम शुरू किया गया। बडगाम, बारामुला और काजीगुंड में 21 केवी के तीन मुख्य सब स्टेशन होंगे। बिजली के लिए रेलवे ने 25 केवी की एक समर्पित पावर लाइन रखी है जो जम्मू-कश्मीर सरकार और केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी।
वायरिंग का काम पट्टन तक पूरा
इरकॉन के इंजीनियर याधुन ने कहा कि अभी वायरिंग सेक्शन चल रहा है। बडगाम से पट्टन तक काम पूरा हो चुका है। अब पट्टन स्टेशन का काम चल रहा है। बारामुला तक काम जल्द से जल्द खत्म करने का लक्ष्य है। उसके बाद बडगाम से बनिहाल तक पूरा सेक्शन मार्च 2022 तक कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले इसकी फिजिबिलिटी अध्ययन किया जाता है। यह 25 केवी की लाइन है। ट्रेन चलाने के लिए तीन फीडिंग स्टेशन बारामुला, बडगाम और बनिहाल में रखे गए हैं। ग्रिड से 132 केवी की लाइन पीडीडी से संचालित होगी। इसमें स्पीड कंट्रोल और टाइमिंग दोनों बेहतर होंगी।
बनिहाल-कटड़ा लिंक का काम भी साथ चल रहा
आबिद ने कहा कि मुख्य प्रोजेक्ट बनिहाल को कटड़ा से लिंक करना है। जब कटड़ा-बनिहाल लिंक होगा तो जम्मू-कश्मीर खास कर घाटी देश से जुड़ जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग अक्सर बंद रहता है। यह लिंक ऑल वेदर होगा। वर्ष 2013 में कश्मीर को अपनी पहली लोकल ट्रेन मिली थी, जो बनिहाल से बारामुला तक चल रही है। 356 किलोमीटर लंबी जम्मू-बारामुला रेल लाइन घाटी को शेष देश से जोड़ने के लिए है। इसे तीन चरणों में विभाजित किया गया है, जम्मू से कटड़ा, कटड़ा से बनिहाल और बनिहाल से बारामुला, जबकि दो चरण जम्मू-कटड़ा, बनिहाल-बारामुला पर काम पूरा हो चुका है और बचा हुआ अंतिम चरण में है जिसके बहुत जल्द पूरा होने की उम्मीद है।