प्रदेश में कांग्रेस दो गुटों में बंट गई है। गुलाम नबी आजाद के दौरे से कांग्रेस में आंतरिक सियासत चरम पर है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर के खेमे ने गुलाम नबी आजाद से पूरी तरह से दूरी बना ली है। पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आजाद से दूसरे दिन भी कांग्रेस का कोई बड़ा पदाधिकारी मिलने नहीं पहुंचा। हालांकि, आजाद ने अपने विश्वासपात्र कई कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर भविष्य की रणनीति तैयार की।
पार्टी सूत्रों के अनुसार पनामा चौक स्थित गुलाम नबी आजाद अपनी कोठी में ही पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद, पूर्व मंत्री विकार रसूल, डॉ. मनोहर लाल, पूर्व एमएलसी नरेश गुप्ता, सुभाष गुप्ता, पूर्व मंत्री जुगल किशोर शर्मा, काउंसलर गौरव चोपड़ा, पूर्व काउंसलर जय सिंह, पूर्व एमएलसी अमीन भट से मिले।
इन नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर की बजाए आजाद से प्रदेश कांग्रेस की बागडोर संभालने का आग्रह किया और कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस गुलाम नबी आजाद के चेहरे के साथ ही अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद लगा सकती है। इसके अलावा डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, कठुआ, सांबा, आरएसपुरा, उधमपुर, रियासी, चिनैनी, राजोरी के करीब 71 प्रतिनिधिमंडल आजाद से मिले। वहीं प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर, उपाध्यक्ष रमण भल्ला, मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष योगेश साहनी समेत कांग्रेस के प्रमुख पदाधिकार दौरे से दूरी बनाए हुए हैं।
आज नई दिल्ली रवाना होंगे आजाद
गुलाम नबी आजाद सोमवार दोपहर ढाई बजे नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। आजाद ने अपने गुट के नेताओं से कहा कि वह संयम रखें और कोई भी ऐसा काम न करें, जिससे प्रदेश में कांग्रेस को क्षति पहुंचे। आजाद ने जल्द ही कश्मीर का दौरा करने के अलावा किश्तवाड़ में बादल फटने से प्रभावित हुए लोगों से मिलने के लिए प्रदेश के दौरे पर आने का आश्वासन भी दिया।