भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सांबा सेक्टर के मंगू चक गांव में पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने ड्रोन दिखाई देने की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। हालांकि, बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रकार की कोई गतिविधि सांबा बॉर्डर पर नहीं देखी गई।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मंगू चक गांव के लोगों ने ड्रोन देखा, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। शनिवार रात को मिली सूचना पर पुलिस ने फौरनतलाशी अभियान चलाया। पूरे इलाके के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है।
इससे पूर्व चार जुलाई को सीमावर्ती गांव राजपुरा में भी पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया था। इस पर पुलिस के एसओजी विंग के जवानों ने तड़के सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया था। इसी तरह से 29 मई को कठुआ पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पाकिस्तान ड्रोन को मार गिराया था, जिससे स्टिकी बम और यूबीजीएल ग्रेनेड बरामद हुए थे।
ड्रोन, घुसपैठ और तस्करी से बाज नहीं आ रहा पाक
आपको बता दें कि नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम की आड़ में पाकिस्तान की नापाक हरकतों से सीमावर्ती लोगों को सरहद की शांति भंग होने का डर सताने लगा है। पिछले एक सप्ताह में सेना ने चक्कां दा बाग क्षेत्र से आतंकियों की घुसपैठ और बैट हमले की साजिश को नाकाम किया है।
इस दौरान भीषण गोलाबारी भी हुई, जिससे से लोग सहम गए। वहीं शुक्रवार रात को पाकिस्तानी महिला को चक्कां दा बाग क्षेत्र से घुसपैठ करते पकड़ लिया गया। इसके बाद अब कृष्णा घाटी सेक्टर के बलनोई क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय क्षेत्र में भेजा गया। इसको सेना के जवानों ने गोलीबारी करके खदेड़ दिया।