डोमिसाइल प्रमाणपत्र के लिए योग्य व्यक्ति सक्षम प्राधिकारी के पास ऑनलाइन आवेदन या ऑफलाइन निर्धारित फॉर्म भरकर जमा कर सकता है। नाबालिग या दिव्यांग लोगों के मामले में नियमों के तहत नियुक्त अभिभावक आवेदन कर सकेंगे। प्रदेश के स्थायी नागरिक प्रमाणपत्र धारक डोमिसाइल प्रमाणपत्र के लिए तहसीलदार के समक्ष आवेदन करेंगे। उनके मामले में जिला उपायुक्त अपीलेंट अथॉरिटी रहेगा। स्थायी प्रमाणपत्र धारक व्यक्तियों के बच्चे भी तहसीलदार के समक्ष आवेदन करेंगे। उनके मामले में भी डीसी अपीलेंट अथॉरिटी रहेगा।
बाहरी लोगों के लिए तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी
पंद्रह साल तक जम्मू-कश्मीर में रहने वालों के लिए जिस इलाके में वह रहते रहे हैं, वहां का तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। आवेदक को इसके लिए राशन कार्ड, शिक्षण रिकॉर्ड आदि पेश करने होंगे। 15 साल जम्मू-कश्मीर में रहे व्यक्ति के बच्चों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। सात साल जम्मू कश्मीर में पढ़ाई करने वाले लोगों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। जिला उपायुक्त अपीलेंट अथॉरिटी बनाए गए हैं।
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विस्थापितों के मामले देखेंगे राहत और पुनर्वास आयुक्त
विस्थापितों के मामले में राहत और पुनर्वास आयुक्त विस्थापित सक्षम प्राधिकारी रहेगा। विस्थापितों के बच्चों के मामले में भी ऐसा ही रहेगा। केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों के बच्चों के मामले में अतिरिक्त सचिव या सामान्य प्रशासनिक विभाग का अधिकारी सक्षम प्राधिकारी रहेगा। दस साल तक सेवा करने वाले अधिकारियों के मामले में सक्षम प्राधिकारी मनोनीत होगा। जम्मू-कश्मीर के निवासियों के वह बच्चे जो प्रदेश से बाहर नौकरी या अन्य काम कर रहे हैं, तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा।
प्रदेश में स्थानीय नागरिक प्रमाण पत्र (पीआरसी) की जगह डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने के लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है। आवेदन संबंधित तहसीलदार के नाम करना होगा। पंद्रह दिन के भीतर सक्षम प्राधिकारी आवेदन का निपटारा करेंगे। यदि पंद्रह दिन के भीतर निपटारा नहीं होता है तो आवेदक अपीलेट अथॉरिटी जिला मजिस्ट्रेट से अपील कर सकेंगे।
अपीलेट अथॉरिटी के आदेश पर तहसीलदार को अंतिम सात दिन में प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश होंगे। यदि इसके बाद भी डोमिसाइल जारी नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी के वेतन से 50 हजार रुपये काटकर जुर्माना लगाया जाएगा।
आवेदक को इसके लिए राशन कार्ड, शिक्षण रिकॉर्ड आदि पेश करने होंगे। 15 साल जम्मू-कश्मीर में रहे व्यक्ति के बच्चों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। सात साल जम्मू-कश्मीर में पढ़ाई करने वाले लोगों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा।