एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि आईएसआईएस द्वारा भारत के खिलाफ हिंसक जिहाद छेड़ने के लिए यहां संवेदनशील युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें भर्ती करने की साजिश के संबंध में 29 जून को एक मामला दर्ज किया गया था। इस संबंध में भारत-केंद्रित एक ऑनलाइन दुष्प्रचार पत्रिका 'द वॉयस ऑफ हिंद' (वीओएच) मासिक आधार पर प्रकाशित की जाती है ताकि अलगाव और सांप्रदायिक घृणा की भावना पैदा करने के लिए काल्पनिक अन्याय की गलत कहानी पेश करके युवाओं को उकसाया जा सके और उन्हें कट्टरपंथी बनाया जा सके।
इस नापाक योजना को अंजाम देने के लिए ‘साइबरस्पेस’ में एक संगठित अभियान शुरू किया गया है। भारत में आईएसआईएस कैडरों के साथ-साथ विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों में सक्रिय आईएसआईएस आतंकवादियों ने फर्जी ऑनलाइन पहचान से एक नेटवर्क बनाया है, जिसमें आईएसआईएस संबंधित दुष्प्रचार सामग्री का वितरण किया जाता है। रविवार को चलाए गए तलाशी अभियान में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज और मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, हार्ड डिस्क जैसे डिजिटल उपकरणों के साथ ही ऐसे टी-शर्ट बरामद किए गए हैं, जिन पर आईएसआईएस का लोगो है।